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बिहार के धन निर्माता: छोटे शहर से ग्लोबल साम्राज्य तक की प्रेरणादायक यात्राएं

स्टेट डेस्क, मुस्कान कुमारी।

पटना। बिहार को लंबे समय से पलायन, कृषि और सरकारी नौकरियों का राज्य माना जाता रहा है, लेकिन इस छवि के पीछे एक शानदार कहानी छिपी है। राज्य ने कई ऐसे उद्यमियों को जन्म दिया है, जिन्होंने सीमित संसाधनों के बावजूद महाद्वीपों तक फैले कारोबार खड़े किए और वैश्विक स्तर पर धन सृजन किया।

इन उद्यमियों की सफलता सिर्फ संपत्ति के आंकड़ों में नहीं, बल्कि उनके संघर्ष, मेहनत और दूरदृष्टि में है। पिछले कई दशकों में बिहार के इन बिजनेस लीडर्स ने राज्य की पारंपरिक छवि को चुनौती दी है।

अनिल अग्रवाल: पटना से वेदांता साम्राज्य तक

बिहार के सबसे चर्चित उद्यमी अनिल अग्रवाल पटना में एक साधारण परिवार में पैदा हुए। मात्र 19 साल की उम्र में वे सिर्फ एक टिफिन और सपनों के साथ मुंबई पहुंचे। शुरुआत स्क्रैप मेटल के छोटे कारोबार से की। नौ बार असफलता का सामना करने के बाद भी उन्होंने हार नहीं मानी।

1976 में उन्होंने स्टर्लाइट की नींव रखी, जो बाद में वेदांता रिसोर्सेज लिमिटेड में बदल गई। आज वेदांता मेटल्स, माइनिंग, ऑयल और गैस जैसे क्षेत्रों में ग्लोबल स्तर पर काम करती है। अग्रवाल परिवार की नेट वर्थ कई हजार करोड़ रुपये आंकी जाती है। वे बिहार के सबसे अमीर उद्यमी माने जाते हैं।

अल्केम लैबोरेटरीज: फार्मा क्षेत्र का गौरव

बिहार के बासुदेव नारायण सिंह और उनके परिवार ने फार्मास्यूटिकल्स क्षेत्र में कमाल किया। 1973 में शुरू हुई अल्केम लैबोरेटरीज आज भारत और अमेरिका में फैक्टरियों के साथ बड़ी दवा कंपनी बन चुकी है। परिवार की संपत्ति हजारों करोड़ में है।

इसी तरह अरिस्टो फार्मास्यूटिकल्स से जुड़े महेंद्र प्रसाद परिवार ने भी बिहार की मिट्टी से निकलकर वैश्विक स्तर पर पहचान बनाई।

अन्य उल्लेखनीय नाम

-सुजीत कुमार: उड़ान (Udaan) के को-फाउंडर, जो B2B ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म को नई ऊंचाइयों पर ले गए।
-सिद्धार्थ साचेती: कारतलाने (CaratLane) के जरिए ज्वेलरी सेक्टर में क्रांति लाई।
-सुभाष चंद्रा: एस्सेल ग्रुप और जी एंटरटेनमेंट के माध्यम से मीडिया जगत में मजबूत उपस्थिति।

ये उद्यमी बिहार की सीमित औद्योगिक व्यवस्था को छोड़कर बाहर निकले और कड़ी मेहनत से बड़ी कंपनियां खड़ी कीं। इनकी कहानियां दिखाती हैं कि सही सोच, लगन और अवसर पहचानने की क्षमता किसी भी चुनौती को पार कर सकती है।

बिहार अब भी उद्यमिता के नए केंद्र के रूप में उभर रहा है। राज्य सरकार स्टार्टअप नीतियों और निवेश को बढ़ावा दे रही है, जिससे आने वाले समय में और कई सफल कहानियां सामने आने की उम्मीद है।

मुख्य बातें:

- बिहार ने कई ग्लोबल स्तर के उद्यमी दिए
- अनिल अग्रवाल की वेदांता सबसे प्रमुख उदाहरण
- फार्मा, मेटल्स, ई-कॉमर्स और मीडिया में सफलता
- संघर्ष और दृढ़ इच्छाशक्ति की मिसाल