Ad Image
Ad Image
अमेरिकी और ईरान के बीच प्रारंभिक समझौता, 60 दिन का सीजफायर लागू || अमेरिकी सेंट्रल कमान की घोषणा, ईरान की नाकेबंदी समाप्त || ईरान - अमेरिका में टकराव चरम पर, नए हमलों से सीजफायर पर लग सकता ब्रेक || जापान: तूफान जोंगमी ने मचाई तबाही, 60 हजार से अधिक घरों में बिजली गुल || जयराम रमेश ने लिखा पत्र, ग्रेट निकोबार परियोजना पर पुनर्विचार की अपील || नई दिल्ली के मालवीय नगर स्थित रेस्टोरेंट में आग से 20 की मौत, दर्जनों घायल || ट्रंप ने कहा, खाड़ी देशों की अपील पर ईरान पर हमले बंद किए गए || अदाणी समूह को अमेरिका से क्लीनचिट, आपराधिक मामलों में राहत || राहुल गांधी ने कहा, देश में बड़ा आर्थिक संकट आने वाला, आम आदमी होगा परेशान || भारत और नार्वे के बीच कुल 9 समझौतों पर हस्ताक्षर, बेहतर सहयोग की पहल: मोदी

The argument in favor of using filler text goes something like this: If you use any real content in the Consulting Process anytime you reach.

  • img
  • img
  • img
  • img
  • img
  • img

Get In Touch

बिहार में CSR निवेश को बढ़ाने के लिए आगे आएं संस्थाएं: मंत्री

स्टेट डेस्क, आकाश अस्थाना ।

 कर्नाटक की तरह बिहार में भी शैक्षणिक, स्वास्थ्य और पोषण संबंधी संस्थान खोलने को मंत्री ने किया आग्रह 
 शिक्षा मंत्री ने कर्नाटक के मुद्देनहल्ली में सीएसआर कॉन्क्लेव को किया संबोधित 

पटना । माननीय शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने देश की प्रमुख सामाजिक एवं कॉरपोरेट संस्थाओं से बिहार में निवेश करने और सामाजिक विकास कार्यों के लिए आगे आने का आह्वान किया। उन्होंने गुरुवार को कर्नाटक के मुद्देनहल्ली स्थित सत्य साई ग्राम में स्वर्ण जयंती समारोह के मौके पर आयोजित सीएसआर कॉन्क्लेव को संबोधित करते हुए उक्त बातें कहीं।

शिक्षा मंत्री ने कहा कि बिहार में देश के अन्य राज्यों की तुलना में सीएसआर मद में अपेक्षाकृत कम खर्च होता है। ऐसे में शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण और कौशल विकास के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य कर रही संस्थाओं के लिए बिहार में व्यापक संभावनाएं मौजूद हैं। राज्य सरकार ने निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं तथा प्रक्रियाओं को सरल बनाकर निवेशकों के लिए नए अवसर उपलब्ध कराए हैं।

उन्होंने कहा कि जिस प्रकार विभिन्न संस्थाओं ने दक्षिण भारत में समाज के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है, उसी प्रकार उत्तर भारत, विशेषकर बिहार के विकास में भी सहभागिता करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि आज का यह मंच उत्तर और दक्षिण भारत के मिलन का प्रतीक है। जिस तरह आपने दक्षिण को संवारा, उसी तरह उत्तर को संवारने की भी जिम्मेदारी आपकी है। शिक्षा मंत्री ने सत्य साई ग्राम में संचालित वेद विद्यालय, मेडिकल कॉलेज, अस्पताल तथा विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों का अवलोकन करने के बाद अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने संस्थान की निस्वार्थ सेवा, अनुशासन, स्वच्छता और समाज के प्रति समर्पण की सराहना करते हुए इसे प्रेरणादायक मॉडल बताया।

मंत्री ने  वन वर्ल्ड वन फैमिली मिशन के संस्थापक सद्गुरु मधुसूदन साई से बिहार में भी कर्नाटक की तर्ज पर शैक्षणिक, स्वास्थ्य एवं पोषण संबंधी संस्थान स्थापित करने का आग्रह किया। कहा कि मिशन लंबे समय से बिहार में अवसर तलाश रही है। आज सरकार खुद आपके पास आई है। आप बिहार आएं और अपनी कीर्ति बढ़ाएं।

उन्होंने कहा कि बिहार के लगभग 97 हजार विद्यालयों में दो करोड़ से अधिक विद्यार्थी अध्ययनरत हैं, जिन्हें इस प्रकार की पहल से प्रत्यक्ष लाभ मिल सकता है। शिक्षा मंत्री ने कहा कि बिहार तेजी से विकास की ओर अग्रसर राज्य है। सड़क, रेल और हवाई संपर्क के क्षेत्र में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। कानून व्यवस्था के मामले में बिहार अब उत्तर प्रदेश के समकक्ष पहुंच गया है और अपराध मुक्त राज्य बनने की ओर अग्रसर है

उन्होंने आश्वस्त किया कि बिहार में कार्य करने वाली संस्थाओं को राज्य सरकार का पूरा सहयोग मिलेगा। श्री तिवारी ने आगे कहा कि बिहार ज्ञान और आध्यात्मिक परंपराओं की भूमि रही है। भगवान बुद्ध, भगवान महावीर और कई महान विभूतियों ने इस धरती को गौरवान्वित किया है। बिहार और कर्नाटक का संबंध भी ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक रूप से अत्यंत पुराना और मजबूत रहा है। मातृशक्ति की भूमिका का उल्लेख करते हुए शिक्षा मंत्री ने कहा कि बिहार में एक करोड़ से अधिक जीविका दीदियां सामाजिक और आर्थिक परिवर्तन की वाहक बनी हुई हैं और ग्रामीण विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के विकसित भारत-2047 के संकल्प को साकार करने के लिए समाज और सरकार दोनों को मिलकर कार्य करना होगा। जब तक समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ नहीं पहुंचेगा, तब तक विकसित भारत का सपना पूरा नहीं हो सकता। कुपोषण मुक्त भारत की दिशा में बाजरा के महत्व का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि बिहार की उपजाऊ भूमि इस क्षेत्र में बड़ी संभावनाएं रखती है और इससे पोषण सुरक्षा को मजबूत किया जा सकता है।

इस मौके पर सद्गुरु के अलावा टीसीएस के पूर्व सीईओ और एमडी रामो दुरई, सेबी के पूर्व चेयरमैन एन दामोदरन, अजीम प्रेमजी फाउंडेशन के सीईओ केआर लक्ष्मीनारायण समेत सीएसआर के क्षेत्र में कार्य करने वाले गणमान्य लोग मौजूद थे।