Ad Image
Ad Image
तमिलनाडु के द. विरुधूनगर में पटाखा फैक्टरी में विस्फोट, 21 की मौत 8 घायल || हताश प्रधानमंत्री ने झूठ बोलकर देश को गुमराह करने का प्रयास किया: खरगे || विपक्ष की महिला आरक्षण रोकने की साजिश, आधी आबादी को हक दिलाएंगे: PM मोदी || हॉर्मुज में भारतीय जहाजों पर गोलीबारी, दिल्ली ने ईरानी राजदूत को तलब किया || अंतर्राष्ट्रीय कानून अनुपालन की यूरोपीय संघ की अपील को ईरान ने पाखंड बताया || राष्ट्रपति ट्रंप ने तरनजीत संधू को दिल्ली का उप राज्यपाल बनने पर दी बधाई || सम्पूर्ण देश की विधायिका में आज से 33 फीसदी महिला आरक्षण कानून लागू || पटना: CM सम्राट चौधरी ने जन प्रतिनिधियों और अन्य से की शिष्टाचार भेंट || इजरायल और लेबनान के बीच आज से 10 दिनों के लिए सीजफायर लागू || बसपा सुप्रीमो मायावती का आरक्षण को लेकर कांग्रेस और सपा पर हमला

The argument in favor of using filler text goes something like this: If you use any real content in the Consulting Process anytime you reach.

  • img
  • img
  • img
  • img
  • img
  • img

Get In Touch

बीरगंज: सड़क विस्तार के साथ हरियाली बचाने की पहल

लोकल डेस्क, अभिलाष गुप्ता।

बीरगंज: महानगरपालिका में जारी सड़क विस्तार अभियान के साथ उखाड़े गए पेड़ों के संरक्षण की दिशा में एक सकारात्मक और उदाहरणीय पहल देखने को मिली है। सड़क को चौड़ा करने के दौरान किनारों से हटाए गए बड़े पेड़ों को बेवारिस छोड़ने के बजाय ग्रीन सिटी सामुदायिक पुलिस सेवा केंद्र ने सक्रियता दिखाते हुए उन्हें सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित किया है।

सड़क विस्तार के कारण उखाड़े गए पेड़ों को घंटाघर स्थित बी. पी. उद्यान में विधिवत रूप से पुनः रोपण किया गया। ग्रीन सिटी सामुदायिक सेवा केंद्र के अध्यक्ष जयप्रकाश खेतान ने जानकारी देते हुए बताया कि विकास के साथ-साथ पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने और हरियाली संरक्षण के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है।

इस अभियान में वीरगंज महानगरपालिका के हरियाली संयोजक प्रकाश खेतान तथा ग्रीनसिटी सामुदायिक पुलिस आदर्शनगर के सदस्यों की विशेष भूमिका रही। उन्होंने उखाड़े गए पेड़ों को व्यवस्थित रूप से स्थानांतरित कर पुनः रोपण करते हुए उन्हें “नया जीवन” देने का प्रयास किया।
स्थानीय लोगों के अनुसार, यह पहल विकास और पर्यावरण संरक्षण को साथ-साथ आगे बढ़ाने का एक स्पष्ट संदेश देती है। सड़क विस्तार जैसे बुनियादी ढांचा विकास कार्यों से पर्यावरण पर पड़ने वाले नकारात्मक प्रभाव को कम करने के लिए सामुदायिक स्तर पर किया गया यह प्रयास बेहद सराहनीय माना जा रहा है।

वीरगंज को स्वच्छ, हरित और स्वस्थ शहर बनाने के उद्देश्य से उठाया गया यह कदम अन्य सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों को भी प्रकृति के प्रति जिम्मेदार बनने के लिए प्रेरित कर रहा है। उखाड़े गए पेड़ों का संरक्षण कर पार्क की सुंदरता बढ़ाने और पर्यावरणीय क्षति को कम करना अपने आप में एक अनुकरणीय उदाहरण बन गया है।

समग्र रूप से, यह पहल यह साबित करती है कि विकास और प्रकृति एक-दूसरे के विरोधी नहीं, बल्कि संतुलन के साथ दोनों को आगे बढ़ाया जा सकता है।