Ad Image
Ad Image
पुलिस ने राहुल गांधी, प्रियंका गांधी समेत कई वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं को हिरासत में लिया || PM के आवास के बाहर पेपर लीक और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे को लेकर धरने पर राहुल गांधी || PM मोदी के आवास के बाहर धरने पर राहुल गांधी समेत कांग्रेस के सभी दिग्गज || अमेरिकी और ईरान के बीच प्रारंभिक समझौता, 60 दिन का सीजफायर लागू || अमेरिकी सेंट्रल कमान की घोषणा, ईरान की नाकेबंदी समाप्त || ईरान - अमेरिका में टकराव चरम पर, नए हमलों से सीजफायर पर लग सकता ब्रेक || जापान: तूफान जोंगमी ने मचाई तबाही, 60 हजार से अधिक घरों में बिजली गुल || जयराम रमेश ने लिखा पत्र, ग्रेट निकोबार परियोजना पर पुनर्विचार की अपील || नई दिल्ली के मालवीय नगर स्थित रेस्टोरेंट में आग से 20 की मौत, दर्जनों घायल || ट्रंप ने कहा, खाड़ी देशों की अपील पर ईरान पर हमले बंद किए गए

The argument in favor of using filler text goes something like this: If you use any real content in the Consulting Process anytime you reach.

  • img
  • img
  • img
  • img
  • img
  • img

Get In Touch

बीरगंज: सरकारी विज्ञापन सीमित करने के खिलाफ पत्रकारों का ज्ञापन

विदेश डेस्क, अभिलाष गुप्ता ।

बीरगंज: सरकारी विज्ञापन को केवल सरकारी सञ्चार माध्यमों तक सीमित करने के निर्णय के खिलाफ वीरगंज में पत्रकारों ने विरोध जताते हुए प्रधानमंत्री को ज्ञापनपत्र सौंपा है। नेपाल पत्रकार महासंघ, वीरगंज–पर्सा ने प्रमुख जिला अधिकारी भोला दहाल के माध्यम से भेजे गए ज्ञापन में कहा है कि यह निर्णय लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है।

महासंघ के अनुसार इस फैसले से निजी और सामुदायिक मीडिया की आर्थिक स्थिति कमजोर होगी, सूचना प्रवाह में असमानता बढ़ेगी और नागरिकों की सूचना तक पहुंच प्रभावित होगी। देशभर में संचालित 400 से अधिक मीडिया संस्थान मुख्य रूप से विज्ञापन पर निर्भर हैं, ऐसे में यह निर्णय हजारों पत्रकारों और मीडिया कर्मियों की रोज़ी-रोटी पर असर डाल सकता है।
महासंघ ने इसे खुली बाजार व्यवस्था और प्रतिस्पर्धात्मक प्रणाली के खिलाफ बताते हुए कहा कि इससे राज्य-नियंत्रित सूचना प्रणाली को बढ़ावा मिलेगा।

इस संदर्भ में महासंघ ने चार मांगें रखी हैं—चैत 18 को जारी परिपत्र को तत्काल रद्द किया जाए, विज्ञापन वितरण को पारदर्शी और समावेशी बनाया जाए, संकटग्रस्त मीडिया क्षेत्र के संरक्षण के लिए दीर्घकालीन नीति बनाई जाए तथा संबंधित निर्णयों में सरोकारवालों से अनिवार्य परामर्श की व्यवस्था की जाए।

नेपाल पत्रकार महासंघ के जिला अध्यक्ष ओमप्रकाश खनाल सहित अन्य पदाधिकारियों की उपस्थिति में ज्ञापनपत्र सौंपा गया। पत्रकारों ने सरकार से अपनी मांगों पर शीघ्र ध्यान देने की अपील की है।