विदेश डेस्क, ऋषि राज
रोम। भारत और इटली ने अपने द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊंचाई देते हुए उन्हें “विशेष रणनीतिक साझेदारी” के स्तर तक बढ़ाने की घोषणा की है। दोनों देशों ने वर्ष 2029 तक आपसी व्यापार को 20 अरब यूरो तक पहुंचाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य भी तय किया है। यह महत्वपूर्ण घोषणा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी के बीच हुई उच्चस्तरीय वार्ता के बाद संयुक्त रूप से की गई।
रोम में आयोजित इस बैठक के दौरान दोनों नेताओं ने व्यापार, निवेश, रक्षा, ऊर्जा, प्रौद्योगिकी, अंतरिक्ष, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, स्वच्छ ऊर्जा और सांस्कृतिक सहयोग सहित कई प्रमुख क्षेत्रों में साझेदारी को मजबूत करने पर सहमति व्यक्त की। दोनों देशों ने माना कि वर्तमान वैश्विक आर्थिक और भू-राजनीतिक परिस्थितियों में भारत और इटली के बीच रणनीतिक सहयोग और भी अधिक महत्वपूर्ण हो गया है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और इटली लोकतांत्रिक मूल्यों, नवाचार और सतत विकास के साझा दृष्टिकोण से जुड़े हुए हैं। उन्होंने कहा कि विशेष रणनीतिक साझेदारी दोनों देशों के संबंधों को एक नई दिशा देगी और उद्योग, विज्ञान तथा तकनीकी क्षेत्रों में नए अवसर खोलेगी। प्रधानमंत्री ने इटली की कंपनियों को भारत में निवेश बढ़ाने का आमंत्रण भी दिया।
इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने कहा कि भारत विश्व की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है और दोनों देशों के बीच सहयोग की अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि व्यापार लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए उद्योग जगत, निवेशकों और नीति निर्माताओं के बीच निकट सहयोग बढ़ाया जाएगा।
बैठक के दौरान रक्षा उत्पादन, समुद्री सुरक्षा, महत्वपूर्ण खनिज, सेमीकंडक्टर, हरित हाइड्रोजन और डिजिटल नवाचार जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया। दोनों नेताओं ने वैश्विक शांति, बहुपक्षीय सहयोग और नियम-आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था के समर्थन की भी पुष्टि की।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस नई रणनीतिक साझेदारी से भारत और इटली के आर्थिक, तकनीकी और कूटनीतिक संबंधों को नई गति मिलेगी। साथ ही यूरोप और भारत के बीच निवेश और व्यापार सहयोग को भी मजबूत आधार प्राप्त होगा।







