नेशनल डेस्क, नीतीश कुमार।
रक्सौल। भारत-नेपाल सीमा पर एसएसबी की एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट और 47वीं वाहिनी ने एक नाबालिग लड़की को सकुशल बरामद किया है। मैत्री ब्रिज पर नियमित जांच के दौरान लड़की को नेपाल से भारत ला रहे एक संदिग्ध व्यक्ति को रोका गया। पूछताछ में संदिग्ध की पहचान पूर्वी चंपारण निवासी वहीद बाबू के रूप में हुई।
दस्तावेजों से नाबालिग होने की पुष्टि
संदिग्ध के साथ मौजूद लड़की पश्चिम चंपारण की रहने वाली है। उसकी पहचान के लिए बदला हुआ नाम शबनम रखा गया है। उपलब्ध दस्तावेजों के अनुसार, लड़की नाबालिग है। मामला संदिग्ध लगने पर एसएसबी टीम ने प्रयास जुवेनाइल एड सेंटर, पूर्वी चंपारण और स्वच्छ रक्सौल संस्था के प्रतिनिधियों की मदद ली। आरोपी और लड़की से अलग-अलग पूछताछ और काउंसलिंग की गई।
25 जुलाई को बहला-फुसलाकर नेपाल ले गया था
पूछताछ में सामने आया कि आरोपी वहीद बाबू 25 जुलाई 2026 को लड़की को बहला-फुसलाकर अपने साथ नेपाल ले गया था। लड़की के अनुसार, करीब दो महीने पहले उसकी पहचान आरोपी से हुई थी। आरोपी ने शादी का वादा कर उसका विश्वास जीता था।
नारायणघाट में किराए के मकान में रखा
काउंसलिंग के दौरान लड़की ने बताया कि आरोपी उसे शादी का झांसा देकर करीब 10-11 दिनों तक नेपाल के नारायणघाट में एक किराए के मकान में रखा था। नेपाल में कुछ दिन रहने के बाद आरोपी उसे लेकर भारत लौट रहा था। काउंसलिंग के दौरान लड़की को मानव तस्करी के तरीकों और उससे जुड़े खतरों के बारे में भी जानकारी दी गई।
पुलिस और परिजनों से बचने के लिए नेपाल गया था
आरोपी ने पूछताछ में स्वीकार किया कि पुलिस और लड़की के परिजनों से बचने के लिए उसने पहले नेपाल जाने की योजना बनाई थी। संदेह से बचने के लिए दोनों ने भारत-नेपाल सीमा अलग-अलग पार की थी। भारत लौटने के बाद आरोपी लड़की को अपने दोस्तों के साथ मुजफ्फरपुर ले जाने की कोशिश में था।







