लोकल डेस्क, राजीव कु. भारती |
सीवान : भोजपुरी पुनर्जागरण मंच की जिला इकाई, सीवान का पुनर्गठन शनिवार को किया गया। इस अवसर पर मंच ने बिहार सरकार से भोजपुरी भाषा को राज्य की राजभाषा का दर्जा देने की मांग उठाई।
मंच की ओर से जारी ज्ञापन में कहा गया कि भोजपुरी भारत की प्रमुख भाषाओं में से एक है और इसे संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल कराने के लिए लंबे समय से प्रयास किए जा रहे हैं। ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि भोजपुरी का व्यापक क्षेत्र बिहार और उत्तर प्रदेश के कई जिलों में फैला हुआ है तथा करीब 12 करोड़ लोग इसे अपनी मातृभाषा के रूप में बोलते हैं।
मंच के पदाधिकारियों ने कहा कि भोजपुरी केवल एक भाषा नहीं, बल्कि समृद्ध संस्कृति, लोक साहित्य, लोकगीत, परंपरा और सामाजिक विरासत की पहचान है। उन्होंने मुख्यमंत्री से जनभावनाओं का सम्मान करते हुए भोजपुरी को बिहार की राजभाषा का दर्जा प्रदान करने की मांग की, ताकि भाषा और संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन को नई दिशा मिल सके।
इस अवसर पर मंच के संरक्षक सुभाष कुशवाहा, जिला अध्यक्ष राजेश कुमार सिंह, उपाध्यक्ष उमेश कुमार सिंह, रामप्रवेश चौरसिया एवं शेषनाथ सिंह, जिला मंत्री अशोक कुमार सिंह, जिला संयुक्त मंत्री पारसनाथ सिंह, जिला कोषाध्यक्ष रविंद्र कुमार सिंह, युवा प्रकोष्ठ के अवधेश कुमार सिंह तथा कार्यकारिणी सदस्य देव प्रकाश सिंह, रविंद्र सिंह, भृगुनाथ प्रसाद, अनिल श्रीवास्तव और रविंद्र नाथ प्रसाद सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे।







