Ad Image
Ad Image
अमेरिकी और ईरान के बीच प्रारंभिक समझौता, 60 दिन का सीजफायर लागू || अमेरिकी सेंट्रल कमान की घोषणा, ईरान की नाकेबंदी समाप्त || ईरान - अमेरिका में टकराव चरम पर, नए हमलों से सीजफायर पर लग सकता ब्रेक || जापान: तूफान जोंगमी ने मचाई तबाही, 60 हजार से अधिक घरों में बिजली गुल || जयराम रमेश ने लिखा पत्र, ग्रेट निकोबार परियोजना पर पुनर्विचार की अपील || नई दिल्ली के मालवीय नगर स्थित रेस्टोरेंट में आग से 20 की मौत, दर्जनों घायल || ट्रंप ने कहा, खाड़ी देशों की अपील पर ईरान पर हमले बंद किए गए || अदाणी समूह को अमेरिका से क्लीनचिट, आपराधिक मामलों में राहत || राहुल गांधी ने कहा, देश में बड़ा आर्थिक संकट आने वाला, आम आदमी होगा परेशान || भारत और नार्वे के बीच कुल 9 समझौतों पर हस्ताक्षर, बेहतर सहयोग की पहल: मोदी

The argument in favor of using filler text goes something like this: If you use any real content in the Consulting Process anytime you reach.

  • img
  • img
  • img
  • img
  • img
  • img

Get In Touch

मकर द्वार पर गूंजा निलंबन के खिलाफ कांग्रेस का विरोध

नेशनल डेस्क,श्रेयांश पराशर l

नई दिल्ली। लोकसभा से निलंबित कांग्रेस सांसदों ने बुधवार को संसद भवन के मकर द्वार के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया और अपने निलंबन को अलोकतांत्रिक बताते हुए इसे वापस लेने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान सांसदों ने नारेबाजी की और कहा कि उनकी आवाज दबाने की कोशिश की जा रही है। उनका आरोप था कि विपक्ष के सवालों से बचने के लिए यह कार्रवाई की गई है।

प्रदर्शन में कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा भी शामिल हुईं। वह संसद की कार्यवाही हंगामे के कारण स्थगित होने के बाद बाहर आए अपने पार्टी सांसदों के साथ धरने में खड़ी दिखीं। प्रियंका गांधी ने कहा कि विपक्ष का काम जनता के मुद्दे उठाना है और यदि इस पर सजा दी जाएगी तो यह लोकतांत्रिक परंपराओं के खिलाफ होगा। उन्होंने निलंबित सांसदों के समर्थन में एकजुटता दिखाई और सरकार पर विपक्ष की आवाज दबाने का आरोप लगाया।

कांग्रेस सांसदों का कहना है कि वे सदन के भीतर महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा चाहते थे, लेकिन उन्हें बोलने का पर्याप्त अवसर नहीं मिला। इसी को लेकर हुए विवाद और हंगामे के बाद यह स्थिति बनी। कई सांसदों ने कहा कि वे नियमों के तहत अपनी बात रखना चाहते थे, परंतु उनकी बात सुने बिना कार्रवाई कर दी गई।

गौरतलब है कि मंगलवार को आसन की ओर कथित अभद्र व्यवहार के आरोप में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कांग्रेस के आठ सांसदों को बजट सत्र की शेष अवधि के लिए निलंबित कर दिया था। इस फैसले के बाद से ही कांग्रेस लगातार विरोध जता रही है।

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने भी अपने निलंबित सहयोगियों का समर्थन किया। उन्होंने संसद परिसर में उनके साथ खड़े होकर विरोध दर्ज कराया और कहा कि विपक्ष लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखता रहेगा। इस घटनाक्रम के बाद संसद में सियासी तनातनी और तेज हो गई है, तथा आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर और टकराव की संभावना जताई जा रही है।