Ad Image
Ad Image
युद्ध समाप्ति पर ईरान के साथ सकारात्मक बातचीत हुई: राष्ट्रपति ट्रंप || बिहार: विजय कुमार सिन्हा, निशांत कुमार, दिलीप जायसवाल, दीपक प्रकाश समेत 32 ने ली शपथ || बिहार में सम्राट सरकार का विस्तार, 32 मंत्रियों ने ली पद और गोपनीयता की शपथ || वोट चोरी का जिन्न फिर निकला, राहुल गांधी का EC और केंद्र सरकार पर हमला || वियतनामी राष्ट्रपति तो लाम पहुंचे भारत, राष्ट्रपति भवन में पारंपरिक स्वागत || टैगोर जयंती पर 9 मई को बंगाल में भाजपा सरकार के शपथ ग्रहण की संभावना || केरल में सरकार गठन की कवायद तेज: अजय माकन और मुकुल वासनिक पर्यवेक्षक || असम में बीजेपी जीत के हैट्रिक की ओर, 101 से अधिक पर बढ़त, कांग्रेस 23 पर सिमटी || पांच राज्यों में मतगणना जारी: बंगाल, असम में भाजपा को बढ़त, केरल में कांग्रेस और तमिलनाडु में टीवीके को बढ़त || तमिलनाडु चुनाव: एक्टर विजय की टीवीके ने किया उलटफेर, 109 सीटो पर बढ़त

The argument in favor of using filler text goes something like this: If you use any real content in the Consulting Process anytime you reach.

  • img
  • img
  • img
  • img
  • img
  • img

Get In Touch

मणिकर्णिका विवाद: संजय सिंह–पप्पू यादव को 72 घंटे में बयान दर्ज कराने का नोटिस

नेशनल डेस्क, आर्या कुमारी।

वाराणसी। मणिकर्णिका घाट पुनर्विकास से जुड़े कथित फर्जी वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा कर धार्मिक भावनाएं भड़काने के मामले में पुलिस ने सख्त रुख अपनाया है। इस प्रकरण में आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह और कांग्रेस नेता पप्पू यादव समेत कई नेताओं के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी गई है। पुलिस ने उन्हें 72 घंटे के भीतर थाने में उपस्थित होकर बयान दर्ज कराने का नोटिस जारी किया है।

पुलिस के अनुसार, मणिकर्णिका घाट पर पुनर्विकास कार्य के दौरान मूर्तियां और मंदिर तोड़े जाने का दावा करते हुए कुछ वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल की गईं। जांच में इन्हें भ्रामक और एआई तकनीक से तैयार बताया गया है। इस मामले में चौक थाने में कुल आठ अलग-अलग एफआईआर दर्ज की गई हैं।

प्रशासन का कहना है कि इन पोस्ट के जरिए सरकार की छवि धूमिल करने और सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश की गई। भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 179 के तहत नोटिस जारी कर सभी आरोपितों को अपना पक्ष रखने के लिए बुलाया गया है। विवाद उस समय बढ़ा, जब वायरल वीडियो के आधार पर विपक्षी नेताओं ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। संजय सिंह ने इसे प्राचीन मंदिरों के विध्वंस से जोड़ा, जबकि पप्पू यादव ने तीखी तुलना करते हुए बयान दिए। बाद में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्थल निरीक्षण कर स्पष्ट किया कि मंदिर पूरी तरह सुरक्षित हैं और भ्रम फैलाने के लिए फर्जी सामग्री का इस्तेमाल किया गया है।

वाराणसी पुलिस ने इस मामले में धर्म के आधार पर वैमनस्य फैलाने और झूठी अफवाहें फैलाने से जुड़ी गंभीर धाराएं लगाई हैं, जिनमें तीन से पांच साल तक की सजा का प्रावधान है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, साझा की गई डिजिटल सामग्री की फॉरेंसिक जांच कराई जा रही है।

पुलिस का कहना है कि यदि तय समयसीमा में संतोषजनक बयान दर्ज नहीं कराया गया, तो आगे कानूनी प्रक्रिया के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।