लोकल डेस्क, एन के सिंह।
केंद्र के नए VB-GRAM-G कानून के खिलाफ कांग्रेस का राष्ट्रव्यापी 'मनरेगा बचाओ संग्राम' शुरू
पूर्वी चंपारण; स्थानीय गांधी आश्रम बंजरिया पंडाल में आयोजित एक प्रेस वार्ता के दौरान जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष शशि भूषण राय ने केंद्र सरकार की नीतियों पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने घोषणा की कि कांग्रेस पार्टी केंद्र सरकार के नए VB-GRAM-G अधिनियम के विरुद्ध 'मनरेगा बचाओ संग्राम' नामक राष्ट्रव्यापी जन आंदोलन शुरू कर रही है।
पंचायती राज की जड़ों पर हमला श्री राय ने कहा कि केंद्र सरकार का नया कानून मनरेगा की वैधानिक गारंटी को खत्म करने की एक साजिश है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस कानून के जरिए ग्राम पंचायतों और ग्राम सभाओं के अधिकारों को कमजोर किया जा रहा है। "बापू का सपना था कि ग्राम पंचायतें स्वायत्त और मजबूत हों, लेकिन यह सरकार स्थानीय निकायों को पंगु बनाकर सत्ता का केंद्रीकरण कर रही है," उन्होंने तीखी टिप्पणी की।
बिहार जैसे गरीब राज्यों पर बढ़ेगा आर्थिक बोझ
प्रेस वार्ता में वित्तीय चिंताओं को साझा करते हुए श्री राय ने बताया कि
बदला हुआ फंड शेयरिंग
पहले केंद्र सरकार 90% राशि देती थी, लेकिन अब बिहार जैसे गरीब राज्य को अपने हिस्से का 40% बजट खुद वहन करना होगा, जो व्यावहारिक रूप से असंभव है।
विकास कार्यों में बाधा: राज्यों पर वित्तीय बोझ बढ़ने से न केवल मनरेगा, बल्कि अन्य विकासात्मक कार्य भी ठप हो जाएंगे।
अब राज्यों को समय पर आवंटन मिलेगा या नहीं, इसकी कोई गारंटी नहीं बची है क्योंकि केंद्र ने सारे अधिकार अपने पास सुरक्षित कर लिए हैं।
"केंद्र सरकार रोजगार विरोधी है। एक तरफ देश कोरोना की मार और पलायन का दंश झेल चुका है, वहीं दूसरी तरफ सरकार ऐसे कानून ला रही है जिससे मजदूरों का पलायन और बढ़ेगा।" — शशि भूषण राय, जिलाध्यक्ष, कांग्रेस
संघीय ढांचे और सामाजिक एकता पर खतरा
कांग्रेस अध्यक्ष ने सीधे शब्दों में कहा कि राज्यों से बिना चर्चा किए इस तरह का कानून बनाना हमारे संघीय ढांचे (Federal Structure) पर हमला है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार बुनियादी मुद्दों जैसे रोजगार से ध्यान भटकाने के लिए धर्म के नाम पर देश को बांटने की कोशिश कर रही है और देश को पुनः 'गुलामी' की ओर धकेल रही है।
आगे की रणनीति: 'काम मांगो अधिकार' अभियान
श्री राय ने स्पष्ट किया कि मनरेगा की 'आत्मा' को बचाने के लिए कांग्रेस चुप नहीं बैठेगी। पूरे देश में आंदोलन को तेज किया जाएगा और यदि आवश्यकता पड़ी, तो कांग्रेस पार्टी 'काम मांगो अधिकार' अभियान चलाकर मजदूरों के हक की लड़ाई सड़कों पर लड़ेगी।







