एंटरटेनमेंट डेस्क, अर्पिता कृष्णा
प्रसिद्ध मलयालम निर्देशक जॉन अब्राहम की 1986 की चर्चित फिल्म अम्मा एरियन का 4K रीस्टोर्ड संस्करण 79वें कान्स फिल्म फेस्टिवल के ‘कान्स क्लासिक्स’ सेक्शन में प्रदर्शित किया गया। करीब चार दशक बाद अंतरराष्ट्रीय मंच पर फिल्म की वापसी को भारतीय और खासकर मलयालम सिनेमा के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, फिल्म का प्रीमियर 16 मई को हुआ। यह रीस्टोरेशन फिल्म हेरिटेज फाउंडेशन की मदद से किया गया, जबकि तकनीकी रूप से इसे इटली की प्रसिद्ध लैब 'एल इमाजिने रित्रोवाता’ में तैयार किया गया।
‘अम्मा एरियन’ को मलयालम सिनेमा की सबसे प्रभावशाली और प्रयोगधर्मी फिल्मों में गिना जाता है। फिल्म का निर्माण ओडेसा कलेक्टिव द्वारा किया गया था, जो केरल में लोगों के सहयोग से सिनेमा बनाने और दिखाने का आंदोलन था।
दिवंगत निर्देशक जॉन अब्राहम अपनी अलग फिल्म शैली और सामाजिक विषयों पर आधारित फिल्मों के लिए जाने जाते थे। उन्होंने ‘अग्रहारथिल कझुताई’, ‘विद्यार्थिकले इथिले इथिले’ और ‘चेरियाचांटे क्रूरकृत्यंगल’ जैसी चर्चित फिल्मों का निर्देशन किया था। उनकी मृत्यु 1987 में ‘अम्मा एरियन’ के रिलीज होने के एक साल बाद हो गई थी।
फिल्म के प्रीमियर में अभिनेता जॉय मैथ्यू भी मौजूद रहे, जिन्होंने फिल्म में मुख्य भूमिका निभाई थी। उन्होंने कहा कि यह फिल्म सिर्फ एक सिनेमा नहीं बल्कि एक आंदोलन की तरह थी, जिसने उस दौर के युवाओं और फिल्मकारों को गहराई से प्रभावित किया।
कान्स फिल्म फेस्टिवल के अधिकारियों ने भी भारतीय सिनेमा के इतिहास को संरक्षित करने के प्रयासों की सराहना की। ‘अम्मा एरियन’ लगातार पांचवें साल कान्स क्लासिक्स सेक्शन में शामिल होने वाली भारतीय फिल्मों की परंपरा को आगे बढ़ा रही है। इससे पहले ‘मंथन’, ‘ईशानौ’, ‘प्रतिद्वंदी’ और ‘थम्पू’ जैसी भारतीय फिल्मों को भी इस सेक्शन में जगह मिल चुकी है।







