लोकल डेस्क, संजय दास थारू।
भवानीपुरवासियों ने पंचायत में सौंपा ज्ञापन।
वीरगंज: पर्सा जिले के जिराभवानी गाउँपालिका–4 स्थित भवानीपुर में महतिनिया माई की एलानी तथा सार्वजनिक जमीन पर अतिक्रमण रोकने की मांग को लेकर स्थानीय लोगों ने जिराभवानी गाउँपालिका में ज्ञापन सौंपा।
प्रस्तावित महतिनिया माई सामुदायिक वन उपभोक्ता महासंघ नेपाल के नेतृत्व में स्थानीय लोगों ने सार्वजनिक जमीन पर किए गए वृक्षारोपण को नष्ट करने तथा जमीन पर अतिक्रमण करने या कराने की गतिविधियों को तत्काल रोकने की मांग की।
स्थानीय लोगों ने कहा कि एलानी और सार्वजनिक जमीन किसी व्यक्ति या समूह के नाम नहीं की जानी चाहिए। सार्वजनिक संपत्ति की सुरक्षा के लिए संबंधित निकाय को तत्काल प्रभावी पहल करनी चाहिए।
इसी क्रम में भवानीपुर के स्थानीय लोग जिराभवानी गाउँपालिका कार्यालय, सेढवा पहुंचे और गाउँपालिका की उपाध्यक्ष रेखा चौधरी को ज्ञापन सौंपा। भवानीपुरवासियों की ओर से कुनाल महतो थारू ने ज्ञापन पत्र हस्तांतरित किया।
ज्ञापन में एलानी एवं सार्वजनिक जमीन की सुरक्षा, वहां किए गए वृक्षारोपण की रक्षा तथा जमीन अतिक्रमण से जुड़े मामले की आवश्यक जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की गई है।
जिराभवानी गाउँपालिका–4 के वडाध्यक्ष राजेश्वर दास थारू ने अपने वार्ड में स्थित सार्वजनिक एलानी जमीन के मामले को लेकर गाउँपालिका का ध्यान आकृष्ट कराया। उन्होंने कहा कि उक्त जमीन जिराभवानी गाउँपालिका–4 के अंतर्गत आती है। बाहरी क्षेत्र के लोगों द्वारा सार्वजनिक जमीन में हस्तक्षेप कर विवाद पैदा नहीं किया जाना चाहिए।
वडाध्यक्ष थारू के अनुसार, उक्त क्षेत्र में लंबे समय से भवानीपुर का श्मशान घाट भी स्थित है। सार्वजनिक जमीन की सुरक्षा के उद्देश्य से भवानीपुर के बुद्धिजीवियों, युवाओं और स्थानीय लोगों की पहल पर वहां वृक्षारोपण किया गया तथा तार-जाली भी लगाई गई है।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि सार्वजनिक एलानी जमीन को किसी भी हालत में किसी व्यक्ति के नाम पर बांटने नहीं दिया जाएगा।
गाउँपालिका की उपाध्यक्ष रेखा चौधरी ने ज्ञापन में उठाए गए विषयों को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक प्रक्रिया आगे बढ़ाने का आश्वासन दिया। बताया गया है कि गाउँपालिका ने इस मामले में वीरगंज स्थित जिला प्रशासन कार्यालय को पत्र भेजने का निर्णय लिया है।
प्रमुख जिला अधिकारी द्वारा समय निर्धारित किए जाने के बाद संबंधित दोनों पक्षों के लोगों को जिला प्रशासन कार्यालय में उपस्थित कराया जाएगा। इसके बाद सार्वजनिक जमीन की वास्तविक स्थिति, उपलब्ध दस्तावेजों और संबंधित विवरणों के आधार पर आवश्यक निर्णय लिया जाएगा।
स्थानीय लोगों ने मांग की है कि सार्वजनिक संपत्ति का उपयोग किसी व्यक्ति या समूह के निजी स्वार्थ के लिए न हो, इसके लिए गाउँपालिका और संबंधित सरकारी निकायों को स्पष्ट एवं प्रभावी पहल करनी चाहिए।







