स्टेट डेस्क, मुस्कान कुमारी।
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और शिवसेना प्रमुख एकनाथ शिंदे की अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें ठाणे के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों की टीम उनकी लगातार निगरानी कर रही है और फिलहाल उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।
शिवसेना सूत्रों के अनुसार, पिछले कई दिनों से लगातार व्यस्त राजनीतिक कार्यक्रमों, यात्राओं और भारी काम के दबाव के कारण उनकी सेहत पर असर पड़ा। शुक्रवार को महाराष्ट्र विधानसभा के सत्र के दौरान उन्हें तेज बुखार और कमजोरी महसूस हुई।
व्यस्त कार्यक्रमों का असर
एकनाथ शिंदे हाल के दिनों में बेहद सक्रिय रहे। ‘ऑपरेशन टाइगर’ अभियान के तहत उन्होंने उद्धव ठाकरे गुट के छह सांसदों और एमएलसी सचिन अहीर को अपनी शिवसेना में शामिल कराने की बड़ी रणनीति पर काम किया। इस दौरान उन्हें कई बार दिल्ली की यात्राएं भी करनी पड़ीं।
इसी थकान के चलते शुक्रवार को ठाणे में एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम के दौरान उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। शुरुआत में उन्होंने काम जारी रखने की कोशिश की, लेकिन स्थिति ज्यादा खराब होने पर उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाना पड़ा।
पार्टी सूत्रों ने साफ किया कि उनकी सेहत को लेकर कोई गंभीर चिंता नहीं है। विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में इलाज चल रहा है।
कार्यक्रम टाला, बेटे ने संभाला मोर्चा
शिंदे की तबीयत खराब होने के कारण गुरुवार शाम को ठाणे के गंगूबाई शिंदे हॉल में होने वाला एक बड़ा कार्यक्रम टालना पड़ा। उद्धव ठाकरे गुट की धुले की प्रमुख नेता शुभांगी पाटील को शिंदे गुट में शामिल होने का कार्यक्रम था। देर रात यह कार्यक्रम आयोजित किया गया। करीब रात 1:15 बजे समापन हुआ। डिप्टी सीएम की अनुपस्थिति में उनके बेटे और सांसद डॉ. श्रीकांत शिंदे ने रात 2 बजे वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में शुभांगी पाटील को पार्टी की सदस्यता दिलाई। शुभांगी पाटील पहले महा विकास अघाड़ी (MVA) की उम्मीदवार के रूप में नासिक स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ चुकी हैं।
राजनीतिक गतिविधियों में सक्रियता
एकनाथ शिंदे महाराष्ट्र की राजनीति में निर्णायक भूमिका निभा रहे हैं। हालिया घटनाक्रम में उनके नेतृत्व में शिवसेना में मजबूत एकीकरण की प्रक्रिया चल रही है। उनके स्वास्थ्य संबंधी अपडेट पर पार्टी कार्यकर्ताओं और सहयोगी दलों में चिंता जताई जा रही है, हालांकि स्थिर स्थिति की खबर से राहत महसूस की जा रही है।







