स्पोर्ट्स डेस्क, शिवेश कुमार शौर्य |
मुल्लांपुर (न्यू चंडीगढ़) : भारतीय क्रिकेट टीम ने अफगानिस्तान के खिलाफ खेले गए एकमात्र टेस्ट मैच में शानदार प्रदर्शन किया जिसे लंबे समय तक याद रखा जाएगा। कप्तान शुभमन गिल की अगुवाई में भारत ने अफगानिस्तान को पारी और 300 रन से हराकर अपनी टेस्ट क्रिकेट इतिहास की सबसे बड़ी जीत दर्ज की। मुकाबला मात्र तीन दिनों में समाप्त हो गया।
बल्लेबाजों का धमाकेदार प्रदर्शन
भारत ने पहली पारी में बल्लेबाजों के शानदार प्रदर्शन की बदौलत 8 विकेट पर 564 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया। कप्तान शुभमन गिल ने सामने से टीम की अगुवाई करते हुए 177 गेंदों में 15 चौकों और 1 छक्के की मदद से सर्वाधिक 126 रनों की कप्तानी पारी खेली। उनके अलावा केएल राहुल ने भी शानदार फॉर्म दिखाते हुए 165 गेंदों में 11 चौकों की मदद से 100 रनों का शतक जड़ा। युवा बल्लेबाज साई सुदर्शन (81 रन) और विकेटकीपर ऋषभ पंत (81 रन) शतक बनाने से चूक गए, लेकिन उन्होंने टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। निचले क्रम में वाशिंगटन सुंदर ने नाबाद 68 गेंदों में 5 चौकों 1 छक्के की मदद से 52 रनों की महत्वपूर्ण अर्धशतकीय पारी खेली।
अफगानिस्तान के बल्लेबाज नहीं टिक पाए
जवाब में अफगानिस्तान की पहली पारी मात्र 152 रन पर सिमट गई। भारत के लिए पदार्पण कर रहे युवा स्पिनर मानव सुथार ने शानदार गेंदबाजी करते हुए 22 ओवर में 33 रन खर्च कर 6 विकेट हासिल किए। उनकी घातक गेंदबाजी के कारण अफगान बल्लेबाज भारतीय स्पिन आक्रमण के सामने टिक नहीं सके। पहली पारी में अफगानिस्तान की ओर से केवल रहमत शाह (60 रन) ही संघर्ष कर सके।
फॉलो-ऑन मिलने के बाद अफगानिस्तान की टीम दूसरी पारी में भी संघर्ष करती नजर आई और केवल 112 रन पर ऑलआउट हो गई। दूसरी पारी में वाशिंगटन सुंदर ने 11 ओवर में 36 रन खर्च कर 4 विकेट और कुलदीप यादव ने 7.5 ओवर में 30 रन खर्च कर 3 विकेट लेकर भारत की जीत सुनिश्चित की।
मानव सुथार को उनके शानदार (पदार्पण) प्रदर्शन के लिए प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। उनके 6/33 के आंकड़े 21वीं सदी में किसी भारतीय टेस्ट डेब्यू गेंदबाज के सर्वश्रेष्ठ आंकड़ों में शामिल हो गए हैं। मैच के बाद मैन ऑफ द मैच चुने गए मानव सुथार ने कहा कि टेस्ट क्रिकेट में सफलता के लिए धैर्य और निरंतरता सबसे महत्वपूर्ण गुण हैं। अफगानिस्तान के लिए यह मुकाबला सीखने और अनुभव प्राप्त करने का महत्वपूर्ण अवसर साबित हुआ।
फिरकी का जादू था या जीत का जुनून, हर मोर्चे पर भारत रहा अफगानिस्तान से दोगुना मजबूत।
मुल्लांपुर की मिट्टी आज भी यही कहानी कहेगी, सुथार के वार से निकली जीत, इतिहास में दर्ज हो गई।







