विदेश डेस्क, आर्या कुमारी।
अबू धाबी, मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) ने ईरान के साथ सभी व्यापारिक, वाणिज्यिक और वित्तीय लेन-देन तत्काल प्रभाव से निलंबित करने का फैसला किया है। यूएई के विदेश मंत्रालय ने कहा कि यह रोक अगली सूचना तक जारी रहेगी। यह कदम ईरान की ओर से यूएई को निशाना बनाकर कथित तौर पर किए गए हालिया मिसाइल हमले के बाद उठाया गया है।
यूएई के विदेश मंत्रालय की संचार निदेशक अफरा अल हामेली ने बताया कि क्षेत्र में लगातार बढ़ते तनाव और उससे पैदा हो रहे सुरक्षा खतरे को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि मौजूदा हालात क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय शांति तथा सुरक्षा के लिए गंभीर चिंता का विषय हैं। व्यापार और वित्तीय गतिविधियों पर रोक को इसी व्यापक सुरक्षा स्थिति के मद्देनजर देखा जा रहा है।
यूएई के रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, उसकी वायु रक्षा प्रणाली ने ईरान की दिशा से आने वाली दो बैलिस्टिक मिसाइलों को ट्रैक किया। अधिकारियों के अनुसार, इन मिसाइलों से समुद्री यातायात को निशाना बनाए जाने की आशंका थी। एक मिसाइल यूएई के क्षेत्रीय जल के बाहर समुद्र में गिरी, जबकि दूसरी भी समुद्र में जा गिरी। घटना के बाद स्थानीय लोगों को संभावित मिसाइल हमले से सावधान करने के लिए आपातकालीन मोबाइल अलर्ट जारी किया गया और उन्हें सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई। बाद में यह चेतावनी हटा ली गई।
हालांकि, ईरान ने यूएई की ओर से लगाए गए इन आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। तेहरान ने मिसाइल हमले में अपनी भूमिका से इनकार करते हुए यूएई के दावों को बेबुनियाद बताया और कहा कि इस तरह के आरोप क्षेत्रीय सुरक्षा तथा कूटनीतिक प्रयासों को नुकसान पहुंचा सकते हैं। इसके बावजूद ईरान ने यह भी कहा है कि अमेरिका के साथ शांति समझौता होने तक होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद रखा जाएगा, जिससे क्षेत्र में सुरक्षा और व्यापार को लेकर चिंता और बढ़ गई है।
यूएई का कहना है कि 28 फरवरी को मध्य पूर्व में संघर्ष शुरू होने के बाद से उसे ईरान की ओर से बड़े पैमाने पर मिसाइल और ड्रोन हमलों का सामना करना पड़ा है। यूएई के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इस अवधि में करीब 3,000 बैलिस्टिक मिसाइलों, क्रूज मिसाइलों और ड्रोन से जुड़े हमले किए गए या उन्हें उसकी वायु रक्षा ने रोका। इन हमलों में हवाई अड्डों, बंदरगाहों, तेल प्रतिष्ठानों, ऊर्जा नेटवर्क, जल-शोधन संयंत्रों और रिहायशी इलाकों जैसी महत्वपूर्ण सुविधाओं को निशाना बनाए जाने का आरोप लगाया गया है।
हाल के दिनों में यूएई से जुड़े तेल और समुद्री परिवहन पर भी तनाव का असर देखने को मिला है। खबरों के अनुसार, एडीएनओसी से जुड़े तेल टैंकरों को भी हाल के सप्ताहों में हमलों का सामना करना पड़ा है। जून में हुए द्विपक्षीय समझौते के बाद कुछ समय के लिए तनाव कम होने की उम्मीद जगी थी, लेकिन बाद में दोनों पक्षों के बीच स्थिति फिर बिगड़ गई। इससे ईरान और यूएई के बीच पहले से नाजुक संबंधों पर दबाव और बढ़ गया है।
यूएई की ओर से ईरान के साथ सभी व्यापारिक और वित्तीय गतिविधियों को रोकने का फैसला ऐसे समय में आया है जब पूरे क्षेत्र में सैन्य और कूटनीतिक तनाव लगातार बढ़ रहा है। इस निर्णय से दोनों देशों के आर्थिक संबंधों पर सीधा असर पड़ने की संभावना है। वहीं, ईरान द्वारा आरोपों से इनकार और होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर उसके रुख ने स्थिति को और जटिल बना दिया है।







