स्टेट डेस्क, मुस्कान कुमारी।
मुंबई। मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर गैस टैंकर पलटने से मची भगदड़ में एक उद्योगपति को आठ घंटे जाम में फंसना पड़ा, फिर हेलीकॉप्टर से पुणे पहुंचे। रायगढ़ जिले के आदोशी टनल के पास मंगलवार शाम पांच बजे हुई दुर्घटना ने 15 घंटे से ज्यादा जाम पैदा कर हजारों यात्रियों को रातभर परेशान किया।
टैंकर में भरा प्रोपाइलीन गैस रिसाव का खतरा देखते हुए पुलिस ने तुरंत दोनों तरफ ट्रैफिक रोक दिया। पुराने मुंबई-पुणे हाईवे (एनएच-48) पर भी जाम लग गया, जिससे महिलाओं-बच्चों समेत सैकड़ों वाहन रुके रहे। अधिकारियों ने लोनावला-खंडाला घाटी वाले इलाके से बचने की सलाह दी है।
हेलीकॉप्टर से फरार: उद्योगपति की गुहार
ईकेए मोबिलिटी और पिनेकल इंडस्ट्रीज के चेयरमैन डॉ. सुधीर मेहता ने एक्स पर हवाई तस्वीरें शेयर कर जाम की भयावहता बयान की। उन्होंने लिखा, "एक गैस टैंकर के कारण लाखों लोग 18 घंटे से फंसे हैं। आपातकाल के लिए एक्सप्रेसवे पर अलग-अलग एग्जिट पॉइंट्स खोलने की जरूरत है।" मेहता ने हेलीपैड्स को अनिवार्य बनाने की मांग की, कहा कि ये 10 लाख रुपये से कम में बन जाते हैं और एक एकड़ जमीन पर पर्याप्त हैं।
आठ घंटे जाम में फंसने के बाद मेहता को एयर वेटरन नितिन वेल्डे ने सिविल एविएशन कंसल्टेंट के तौर पर हेलीकॉप्टर से पुणे पहुंचाया। उन्होंने आपात निकासी के लिए बेहतर योजना की पुकार लगाई, जो इस तरह की आपदाओं में जान बचा सकती है।
दुर्घटना की पूरी कहानी
अधिकारियों के मुताबिक, टैंकर तेज रफ्तार में नीचे की ढलान पर फिसला और बोर्घाट इलाके में टनल से 50 मीटर पहले पलट गया। गैस लीक की आशंका से पुणे की ओर जाने वाली सड़क बंद कर दी गई। बचाव टीमों ने रातभर मशक्कत की, लेकिन जाम 22 किलोमीटर लंबा हो गया। बुधवार दोपहर तक ट्रैफिक आंशिक रूप से बहाल हुआ, लेकिन कई वाहन रातभर खड़े रहे।
यात्रियों ने बताया कि भोजन, पानी या शौचालय की सुविधा नहीं थी। कैंसर मरीज और वरिष्ठ नागरिक भी फंस गए। एनजीटी ने पहले ही एनएच-48 पर दुर्घटनाओं को रोकने के लिए बैरिकेड्स और क्रैश बैरियर्स लगाने के आदेश दिए थे, लेकिन यह हादसा सवाल खड़े कर गया।







