लोकल डेस्क, एन के सिंह।
हाई-टेक तकनीक और पारदर्शिता पर जोर, अपराधियों में खौफ और आम जनता के बीच बढ़ा मोतिहारी पुलिस का भरोसा।
पूर्वी चंपारण: बिहार के पूर्वी चंपारण जिले में पुलिसिंग का एक नया और कड़ा अध्याय शुरू हो चुका है। पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात ने जिले की कमान संभालते ही 'जीरो टॉलरेंस' की जो लकीर खींची थी, वह अब धरातल पर अपराधियों के लिए काल और ईमानदार पुलिसकर्मियों के लिए ढाल बनती नजर आ रही है। एसपी स्वर्ण प्रभात की यह दोहरी रणनीति'अपराधियों पर प्रहार और अपनों में सुधार' आज पूरे सूबे में चर्चा का विषय बनी हुई है।
रिवॉर्ड और पनिशमेंट, कर्तव्यनिष्ठा का सम्मान, भ्रष्टाचार पर लगाम
मोतिहारी पुलिस अब केवल थानों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक हाई-टेक और जवाबदेह कॉर्पोरेट स्ट्रक्चर की तरह काम कर रही है। एसपी स्वर्ण प्रभात ने विभाग के भीतर 'रिवॉर्ड और पनिशमेंट' (पुरस्कार एवं दंड) की नीति को सख्ती से लागू किया है। हाल ही में पुलिस कार्यालय में आयोजित एक गरिमामयी कार्यक्रम में उन जांबाज अधिकारियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया, जिन्होंने जटिल से जटिल कांडों का न केवल खुलासा किया, बल्कि साक्ष्य-आधारित वैज्ञानिक अनुसंधान के जरिए अपराधियों को सजा की दहलीज तक पहुँचाया।
इस मौके पर परिक्षयमान एसपी और साइबर डीएसपी अभिनव पाराशर की मौजूदगी में उन अनुसंधानकर्ताओं की पीठ थपथपाई गई, जिन्होंने लंबित पड़े मुकदमों का समयबद्ध निष्पादन कर न्याय प्रणाली में जनता का भरोसा बहाल किया है। यह सम्मान केवल कागज का टुकड़ा नहीं, बल्कि उन कर्मियों के लिए ऊर्जा का संचार है जो दिन-रात मुस्तैदी से अपनी ड्यूटी निभा रहे हैं।
वर्दी में छिपी 'काली भेड़ों' पर सर्जिकल स्ट्राइक
एसपी का संदेश स्पष्ट है: "वर्दी की चमक बनी रहे, दाग बर्दाश्त नहीं होंगे।" जहाँ एक ओर अच्छे काम की सराहना हो रही है, वहीं दूसरी ओर सिस्टम को दीमक की तरह चाट रहे भ्रष्ट और लापरवाह कर्मियों पर गाज गिरने का सिलसिला भी जारी है। स्वर्ण प्रभात ने यह साफ कर दिया है कि भ्रष्टाचार में लिप्त या अपराधियों से साठगांठ करने वाले पुलिसकर्मियों के लिए इस जिले में कोई जगह नहीं है। पिछले कुछ दिनों में हुई निलंबन की कार्रवाइयों ने महकमे के भीतर उन लोगों की नींद उड़ा दी है जो ड्यूटी को निजी स्वार्थ का जरिया मानते थे।
"हमारा लक्ष्य एक पारदर्शी और संवेदनशील पुलिस प्रशासन देना है। न्याय में देरी, अन्याय के बराबर है। जो अधिकारी ईमानदारी से काम करेंगे, उन्हें पूरा सम्मान मिलेगा, लेकिन जो जनता को परेशान करेंगे या भ्रष्टाचार में लिप्त होंगे, उन्हें किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।" - स्वर्ण प्रभात, SP, मोतिहारी
ऑपरेशन क्लीन, अपराधियों में खौफ, जनता में विश्वास
जिले में चलाए जा रहे 'ऑपरेशन क्लीन' ने अपराधियों की कमर तोड़ दी है। साइबर सेल की मदद और आधुनिक तकनीकी संसाधनों के उपयोग से पुलिस अब अपराधियों से दो कदम आगे चल रही है। पुराने और जटिल कांडों का निपटारा होने से पीड़ितों को समय पर न्याय मिल रहा है। मोतिहारी पुलिस की इस बदली हुई कार्यशैली का परिणाम है कि आज आम नागरिक बेखौफ होकर अपनी समस्याएं लेकर पुलिस के पास पहुँच रहा है।
बदल रही है मोतिहारी पुलिस की छवि
एसपी स्वर्ण प्रभात का यह 'स्वर्ण मॉडल' न केवल अपराध नियंत्रण में प्रभावी साबित हो रहा है, बल्कि पुलिस की छवि को भी 'रक्षक' के रूप में निखार रहा है। आंतरिक सफाई और बाहरी प्रहार की इस जुगलबंदी ने यह साबित कर दिया है कि अगर नेतृत्व मजबूत और विजन स्पष्ट हो, तो कानून व्यवस्था को सुदृढ़ बनाना नामुमकिन नहीं है। आज मोतिहारी की जनता यह देख रही है कि कानून का हाथ अब अपराधियों के गले तक पहुँच रहा है और वर्दी खुद को भी स्वच्छ और जवाबदेह बना रही है।







