लोकल डेस्क, एन के सिंह।
पुलिस ने 8 घंटे में आरोपी को दबोचा। आरोपी युवती के चचेरे चाचा के मामा का लड़का है, जो पीड़िता द्वारा मोबाइल नंबर ब्लॉक किए जाने और शादी से इनकार करने पर बौखलाया हुआ था।
पूर्वी चंपारण: बिहार के पूर्वी चंपारण जिले के पताही प्रखंड अंतर्गत खुटौना गांव में आधी रात को एक ऐसी वारदात हुई, जिसने रिश्तों की पवित्रता और इंसानियत—दोनों पर गहरे सवाल खड़े कर दिए हैं। एक सनकी युवक ने एकतरफा प्रेम में इस कदर अंधा होकर अपनी ही भतीजी पर तेजाब फेंक दिया कि पूरा इलाका सन्न रह गया। सोती हुई युवती पर अचानक हुए इस हमले में उसका चेहरा और शरीर बुरी तरह झुलस गया है। वह वर्तमान में मोतिहारी के एक निजी अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रही है।
वारदात की खौफनाक रात
घटना के संबंध में बताया जाता है कि आरोपी प्रियांशु कुमार, जो युवती के चचेरे चाचा के मामा का लड़का है, काफी समय से उस पर शादी का दबाव बना रहा था। वह लड़की को मोबाइल पर मैसेज और कॉल कर परेशान किया करता था। कुछ दिनों पहले पीड़िता ने तंग आकर आरोपी का नंबर ब्लॉक कर दिया और उससे बात करना बंद कर दिया था। इसी बात से आक्रोशित होकर आरोपी ने प्रतिशोध की योजना बनाई। सोमवार की आधी रात, जब पीड़िता अपने कमरे में गहरी नींद में थी, आरोपी चुपचाप घर में दाखिल हुआ और मौका पाते ही उसके चेहरे पर तेजाब उड़ेल दिया। चीख-पुकार सुनकर जब तक परिजन पहुंचे, हमलावर अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो चुका था।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई: 8 घंटे में आरोपी गिरफ्तार
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए तत्काल एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया। पकड़ीदयाल डीएसपी कुमार चंदन के नेतृत्व में पताही थाना अध्यक्ष बबन कुमार ने तकनीकी सुरागों और मोबाइल लोकेशन के आधार पर छापेमारी शुरू की। महज 8 घंटे के भीतर पुलिस ने आरोपी प्रियांशु कुमार (पिता- उमेश सिंह) को पकड़ीदयाल थाना क्षेत्र के चईता गांव से गिरफ्तार कर लिया।
डीएसपी और पुलिस प्रशासन का वक्तव्य
डीएसपी कुमार चंदन ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि सोमवार दोपहर करीब 12 बजे पुलिस को सूचना मिली थी। उन्होंने कहा, "पीड़िता के पिता के बयान (फर्दबयान) के आधार पर प्राथमिकी दर्ज की गई है, जिसमें प्रियांशु द्वारा एकतरफा प्रेम में परेशान किए जाने का स्पष्ट उल्लेख है। आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और उससे कड़ी पूछताछ की जा रही है।" साक्ष्य जुटाने के लिए घटनास्थल पर एफएसएल (FSL) की टीम भी बुलाई गई है, ताकि वैज्ञानिक सबूतों के आधार पर आरोपी को सख्त सजा दिलाई जा सके।
समाज के लिए एक गंभीर चेतावनी
पताही थाना अध्यक्ष बबन कुमार के अनुसार, यह मामला प्रेम के नाम पर पनपी एक विकृत और हिंसक सोच का परिणाम है। रिश्तों की मर्यादा को ताक पर रखकर जिस तरह इस जघन्य अपराध को अंजाम दिया गया, उससे ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। लोग सड़कों पर उतरकर आरोपी के लिए 'स्पीडी ट्रायल' और कठोरतम सजा की मांग कर रहे हैं।
यह त्रासदी केवल एक परिवार की नहीं, बल्कि पूरे समाज के लिए चेतावनी है कि कैसे 'अस्वीकार' किए जाने की कुंठा युवाओं के भीतर हिंसक रूप ले रही है। सवाल आज भी वही है कि आखिर प्रेम के नाम पर कब तक बेटियां इस तरह की बर्बरता का शिकार होती रहेंगी?







