लोकल डेस्क, एन. के. सिंह।
2200 लीटर मिलावटी तेल के साथ शातिर कारोबारी गिरफ्तार। पुलिस अब उस 'बैकएंड नेटवर्क' को खंगाल रही है जहाँ से मिलावट के लिए कच्चा माल और केमिकल की सप्लाई की जा रही थी।
पूर्वी चंपारण: जिले के मोतिहारी में अपराधियों और अवैध धंधेबाजों के खिलाफ चल रहे विशेष अभियान में पुलिस को एक बड़ी सफलता मिली है। कल्याणपुर थाना पुलिस ने वाहनों के इंजन बर्बाद करने वाले और सरकारी राजस्व को चूना लगाने वाले एक बड़े रैकेट का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने विशम्भरापुर गांव में छापेमारी कर करीब 2200 लीटर नकली पेट्रोल और डीजल जब्त किया है, जो आम जनता की गाड़ियों को खटारा बनाने के लिए तैयार किया गया था।
गुप्त सूचना पर पुलिस की स्ट्राइक
पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में चलाए जा रहे इस अभियान के तहत थानाध्यक्ष विनित कुमार को एक सटीक गुप्त सूचना मिली थी। सूचना थी कि विशम्भरापुर गांव का रहने वाला रवि कुमार अपने घर के पास एक झोपड़ी में बड़े पैमाने पर मिलावटी ईंधन का अवैध कारोबार कर रहा है। यह कारोबारी कम कीमत पर रसायनों के जरिए नकली तेल तैयार करता था और उसे असली बताकर भोले-भाले लोगों और छोटे दुकानदारों को बेच देता था।
झोपड़ी के अंदर चल रही थी 'मौत की फैक्ट्री'
थानाध्यक्ष विनित कुमार के नेतृत्व में जब पुलिस टीम ने विशम्भरापुर स्थित संदिग्ध ठिकाने पर दबिश दी, तो वहां का नजारा चौंकाने वाला था। एक साधारण सी दिखने वाली झोपड़ी के भीतर ड्रमों का अंबार लगा था। छानबीन के दौरान पुलिस ने वहां से कुल 10 ड्रम तेल बरामद किया। इसमें 9 ड्रमों में लगभग 1980 लीटर नकली पेट्रोल और 1 ड्रम में 220 लीटर मिलावटी डीजल भरा हुआ था।
गाड़ियों के लिए काल बना था यह मिलावटी तेल
स्थानीय लोगों की शिकायत थी कि पिछले कुछ समय से क्षेत्र में वाहनों के इंजन अचानक खराब हो रहे थे और गाड़ियां सड़कों पर रेंगने लगी थीं। जानकारों का कहना है कि इस तरह के मिलावटी ईंधन के इस्तेमाल से न केवल वाहन की माइलेज खत्म हो जाती है, बल्कि इंजन के पिस्टन और नोजल पूरी तरह जाम हो जाते हैं। पुलिस की इस कार्रवाई से उन हजारों वाहन मालिकों ने राहत की सांस ली है, जो अनजाने में अपनी गाड़ियों में यह 'जहर' भरवा रहे थे।
सिंडिकेट के नेटवर्क को खंगाल रही पुलिस
पुलिस ने मुख्य आरोपी रवि कुमार (पिता- भगवान प्रसाद) को मौके से गिरफ्तार कर लिया है। पूछताछ के दौरान पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस खेल में और कौन-कौन से सफेदपोश शामिल हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि नकली तेल बनाने के लिए कच्चा माल और रसायन कहां से उपलब्ध कराया जा रहा था। पुलिस का मानना है कि इसके पीछे एक बड़ा अंतरराज्यीय सिंडिकेट काम कर रहा हो सकता है।
कार्रवाई में शामिल जांबाज टीम
इस सफल छापेमारी अभियान में कल्याणपुर थानाध्यक्ष विनित कुमार के साथ पु.अ.नि. राकेश कुमार, परि.पु.अ.नि. अर्जुन कुमार, सशस्त्र बल के अंकुर कुमार, गृहरक्षक पुरुषोत्तम कुमार और चौकीदार गजेंद्र कुमार की सराहनीय भूमिका रही। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट संदेश दिया है कि जनता की सुरक्षा और उनकी संपत्ति के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा।







