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मोतिहारी: न्यायालय अभिलेखों व हस्ताक्षरों के फर्जीवाड़ा में FIR दर्ज

स्टेट डेस्क, आकाश अस्थाना ।

मोतिहारी में करोड़ों की जालसाजी का खुलासा, फर्जी दस्तावेज और नकली कोर्ट आदेश के सहारे चल रहा था खेल

मोतिहारी : पूर्वी चंपारण जिले के मोतिहारी में एक बड़े फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है, जहां जालसाजों द्वारा फर्जी दस्तावेज, नकली कोर्ट आदेश और कूटरचित कागजात का इस्तेमाल कर लोगों को गुमराह करने तथा अवैध लाभ हासिल करने की कोशिश की जा रही थी। मामले के खुलासे के बाद पुलिस और संबंधित एजेंसियों ने जांच तेज कर दी है।

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपितों ने सरकारी और न्यायिक प्रक्रियाओं का दुरुपयोग करने के उद्देश्य से कई महत्वपूर्ण दस्तावेजों की नकली प्रतियां तैयार की थीं। इनमें कथित तौर पर न्यायालय से जुड़े आदेश, पहचान संबंधी दस्तावेज तथा अन्य आधिकारिक कागजात शामिल हैं। इन दस्तावेजों के आधार पर विभिन्न स्तरों पर लोगों को भ्रमित कर आर्थिक और कानूनी लाभ लेने का प्रयास किया जा रहा था।

जांच अधिकारियों के अनुसार, पूरे नेटवर्क के तार कई लोगों से जुड़े होने की आशंका है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि फर्जी दस्तावेज तैयार करने, उन्हें सत्यापित दिखाने और विभिन्न संस्थानों तक पहुंचाने में किन-किन लोगों की भूमिका रही है। मामले में तकनीकी और दस्तावेजी साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।

सूत्रों का कहना है कि जालसाजी का यह नेटवर्क लंबे समय से सक्रिय हो सकता है। जांच एजेंसियां बैंकिंग रिकॉर्ड, मोबाइल डेटा और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की भी पड़ताल कर रही हैं ताकि यह स्पष्ट हो सके कि इस फर्जीवाड़े से कितने लोग प्रभावित हुए और कुल कितनी राशि का लेन-देन हुआ।

पुलिस अधिकारियों ने कहा है कि फर्जी दस्तावेजों और नकली न्यायिक आदेशों का इस्तेमाल कानूनन गंभीर अपराध है। दोषियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, यदि जांच में किसी सरकारी कर्मचारी या अन्य व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

मामले के उजागर होने के बाद प्रशासन ने आम लोगों से अपील की है कि किसी भी दस्तावेज या न्यायालय संबंधी आदेश की सत्यता की जांच किए बिना उस पर भरोसा न करें। संदिग्ध दस्तावेज मिलने पर तुरंत पुलिस या संबंधित विभाग को सूचना देने को कहा गया है।

फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है और आने वाले दिनों में इस जालसाजी नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों के नाम भी सामने आने की संभावना जताई जा रही है।