Ad Image
Ad Image
अमेरिकी और ईरान के बीच प्रारंभिक समझौता, 60 दिन का सीजफायर लागू || अमेरिकी सेंट्रल कमान की घोषणा, ईरान की नाकेबंदी समाप्त || ईरान - अमेरिका में टकराव चरम पर, नए हमलों से सीजफायर पर लग सकता ब्रेक || जापान: तूफान जोंगमी ने मचाई तबाही, 60 हजार से अधिक घरों में बिजली गुल || जयराम रमेश ने लिखा पत्र, ग्रेट निकोबार परियोजना पर पुनर्विचार की अपील || नई दिल्ली के मालवीय नगर स्थित रेस्टोरेंट में आग से 20 की मौत, दर्जनों घायल || ट्रंप ने कहा, खाड़ी देशों की अपील पर ईरान पर हमले बंद किए गए || अदाणी समूह को अमेरिका से क्लीनचिट, आपराधिक मामलों में राहत || राहुल गांधी ने कहा, देश में बड़ा आर्थिक संकट आने वाला, आम आदमी होगा परेशान || भारत और नार्वे के बीच कुल 9 समझौतों पर हस्ताक्षर, बेहतर सहयोग की पहल: मोदी

The argument in favor of using filler text goes something like this: If you use any real content in the Consulting Process anytime you reach.

  • img
  • img
  • img
  • img
  • img
  • img

Get In Touch

मोतिहारी: पुलिस का 'ऑपरेशन थंडर'

लोकल डेस्क, एन के सिंह।

पुलिस ने आरोपियों के पास से वारदात में इस्तेमाल अपाचे बाइक और स्विफ्ट कार समेत भारी मात्रा में 13 खाली खोखे बरामद किए।

पूर्वी चंपारण: बिहार के पूर्वी चंपारण जिले में अपराध और अपराधियों के खिलाफ पुलिस का 'हंटर' मोड अब बदमाशों के लिए काल साबित होने लगा है। शहर के सबसे सुरक्षित माने जाने वाले पॉश इलाके गांधीनगर रमना में जब अपराधियों ने सरेराह फायरिंग कर दहशत फैलाने की कोशिश की, तो उन्हें गुमान भी नहीं था कि मोतिहारी पुलिस की 'स्पेशल स्ट्राइक टीम' उनकी परछाईं का पीछा कर रही है। महज 2 घंटे (120 मिनट) के भीतर पुलिस ने न सिर्फ वारदात का खुलासा किया, बल्कि चार शातिर अपराधियों को दबोचकर यह संदेश दे दिया कि चंपारण की धरती पर अब कानून का राज और भी सख्त हो चुका है।

दहशत का वो मंजर और पुलिस की 'बिजली' जैसी रफ्तार

घटना की शुरुआत तब हुई जब गांधीनगर रमना मोहल्ले में आकाश कुमार नामक व्यक्ति के घर को निशाना बनाकर अपराधियों ने अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। गोलियों की तड़तड़ाहट से पूरा इलाका सहम गया और लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। वारदात को अंजाम देकर अपराधी अपनी रफ़्तार में फरार हो गए, लेकिन नगर थानाध्यक्ष राजीव रंजन की त्वरित सूचना पर एसपी स्वर्ण प्रभात ने मामले को व्यक्तिगत कमान में लिया। एसपी के निर्देश पर सदर डीएसपी दिलीप कुमार के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई, जिसने 'सुपरफास्ट' एक्शन की पटकथा लिखनी शुरू की।

सीसीटीवी की 'तीसरी आंख' और तकनीकी जाल

जांच की शुरुआत घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों से हुई। पुलिस की तकनीकी शाखा ने बारीकी से फुटेज को खंगाला, जिसमें अपराधियों के चेहरे और उनकी गाड़ियों के नंबर स्पष्ट रूप से कैद हो गए थे। डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने जाल बिछाया और संदिग्ध ठिकानों पर एक साथ दबिश दी। पुलिस की यह कार्रवाई इतनी गुप्त और तेज थी कि अपराधियों को भागने या संभलने का एक भी मौका नहीं मिला। देखते ही देखते, पुलिस ने विशाल कुमार, शुभम मिश्रा, गणेश कुमार और यश कुमार को उनके अड्डों से उठा लिया।

हथियारों का जखीरा और लग्जरी गाड़ियां बरामद

गिरफ्तारी के बाद जब पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर छापेमारी की, तो पुलिस के हाथ बड़ी कामयाबी लगी। अपराधियों के पास से वारदात में इस्तेमाल की गई एक सफेद रंग की स्विफ्ट कार और एक अपाचे बाइक जब्त की गई। इतना ही नहीं, विशाल कुमार के ठिकाने से 09 खाली खोखे और गोलू कुमार के घर से 04 खाली खोखे बरामद किए गए, जो इस बात की गवाही दे रहे थे कि अपराधी किसी बड़ी घटना को अंजाम देने की फिराक में थे।

अपराधियों को सीधी चेतावनी, 'बख्शे नहीं जाओगे'

सदर डीएसपी दिलीप कुमार ने प्रेस वार्ता के दौरान कड़े शब्दों में कहा कि मोतिहारी में कानून-व्यवस्था के साथ खिलवाड़ करने वालों का हश्र यही होगा। उन्होंने बताया कि गिरफ्तार अपराधियों ने अपना गुनाह कबूल कर लिया है और उनसे हुई पूछताछ में कई अन्य महत्वपूर्ण सुराग भी मिले हैं। सभी आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। मोतिहारी पुलिस की इस 'बिजली जैसी तेजी' ने न सिर्फ जनता में विश्वास जगाया है, बल्कि अपराधियों के मन में खौफ पैदा कर दिया है।