लोकल डेस्क, नीतीश कुमार।
मोतिहारी जिले में पुलिस विभाग से जुड़ा भ्रष्टाचार का एक और मामला उजागर हुआ है। फेनहारा थाना में पासपोर्ट वेरिफिकेशन के नाम पर रिश्वत मांगने के आरोप में एक डेटा ऑपरेटर को गिरफ्तार किया गया है। वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात ने त्वरित संज्ञान लेते हुए कार्रवाई की और आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया।
मामला फेनहारा थाना क्षेत्र का है, जहां एक युवक पासपोर्ट वेरिफिकेशन के लिए थाने पहुंचा था। आरोप है कि वहां कार्यरत्त डेटा ऑपरेटर सूरज कुमार ने वेरिफिकेशन प्रक्रिया पूरी करने के बदले युवक से दो हजार रुपये की मांग की। युवक द्वारा रुपये देने से मना करने पर ऑपरेटर ने कथित रूप से यह कहा कि बिना पैसे के वेरिफिकेशन नहीं किया जाएगा।
इस दौरान युवक ने पूरी बातचीत को अपने मोबाइल फोन में रिकॉर्ड कर लिया और वीडियो सीधे पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात के व्हाट्सएप नंबर पर भेज दिया। वीडियो सामने आने के बाद एसपी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए पकड़ीदयाल एसडीपीओ कुमार चंदन को तत्काल जांच के निर्देश दिए।
जांच में वीडियो और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोप सही पाए गए। इसके बाद फेनहारा थाना में डेटा ऑपरेटर सूरज कुमार के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की गई। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया और उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
इस कार्रवाई के बाद जिले के अन्य थानों में कार्यरत कर्मियों के बीच हड़कंप मच गया है। पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात ने स्पष्ट किया है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति पर सख्ती से अमल किया जाएगा और किसी भी स्तर पर रिश्वतखोरी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पुलिस विभाग द्वारा ऐसे मामलों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।







