लोकल डेस्क, नीतीश कुमार।
मोतिहारी में बुजुर्ग महिला को डायन बताकर प्रताड़ित करने का मामला सामने आया है। आरोप है कि महिला को पहले जबरन मल पिलाया गया, फिर नदी किनारे ले जाकर उसके साथ बेरहमी से मारपीट की गई। हमलावरों का दावा है कि उनके बेटे की मौत के लिए वही महिला जिम्मेदार है।
मारपीट में घायल महिला जब इलाज के लिए अस्पताल पहुंची, तो डॉक्टरों ने उसका उपचार करने से इनकार कर दिया। इसके बाद पीड़िता थाने गई, लेकिन वहां भी उसकी शिकायत दर्ज नहीं की गई। अंततः वह जनता दरबार पहुंची और पुलिस अधीक्षक को पूरी घटना बताई। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी ने तत्काल कार्रवाई करते हुए संबंधित थानाध्यक्ष को एफआईआर दर्ज करने और आरोपियों की गिरफ्तारी के निर्देश दिए। यह घटना भोपतपुर थाना क्षेत्र की बताई जा रही है।
डायन बताकर की गई मारपीट
पीड़िता के अनुसार, गांव के शंकर साह के बेटे की गुजरात में मौत हो गई थी। इसी घटना को लेकर शंकर साह के परिजनों ने महिला पर डायन होने का आरोप लगाया और कहा कि उसी की वजह से उनके बेटे की जान गई है। अंधविश्वास में डूबे आरोपियों ने महिला को नदी किनारे ले जाकर उसके साथ मारपीट की, जिससे उसका एक दांत टूट गया, और फिर उसके शरीर पर मैला फेंक दिया।
अस्पताल ने इलाज से किया इनकार
घटना के बाद वृद्ध महिला इलाज के लिए सदर अस्पताल पहुंची, लेकिन शरीर पर मैला लगे होने की वजह से अस्पताल ने उसका इलाज करने से मना कर दिया। इसके बाद पीड़िता को एक निजी अस्पताल में इलाज कराना पड़ा। महिला का आरोप है कि जब वह स्थानीय थाने में शिकायत लेकर गई, तो वहां भी उसका आवेदन स्वीकार नहीं किया गया।
जनता दरबार में पहुंची पीड़िता
थाने से निराश होकर पीड़िता पुलिस अधीक्षक के जनता दरबार में पहुंची और अपनी आपबीती सुनाई। पूरे मामले को गंभीर मानते हुए स्वर्ण प्रभात ने तुरंत संज्ञान लिया और संबंधित थानाध्यक्ष को प्राथमिकी दर्ज कर आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी का आदेश दिया।
बेटे ने लगाए आरोप
बुजुर्ग महिला के बेटे का कहना है कि आरोपी शंकर साह और रघबीर साह के भाई की गुजरात में गिरकर मौत हुई थी। इसके बाद आरोपियों ने उसकी मां पर यह आरोप लगाया कि उसी ने उनके बेटे की मौत करवाई है।
आरोपियों की गिरफ्तारी के निर्देश
एसपी स्वर्ण प्रभात ने बताया कि जनता दरबार में एक वृद्ध महिला ने डायन का आरोप लगाकर मारपीट किए जाने की शिकायत की थी। मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस को एफआईआर दर्ज करने और आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करने का निर्देश दिया गया है। प्रशासन की ओर से त्वरित कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है।







