लोकल डेस्क, एन के सिंह।
पुलिस के अनुसार घायल विक्की का पुराना आपराधिक इतिहास रहा है और हमला आपसी रंजिश के कारण हुआ।
पूर्वी चंपारण: बिहार के मोतिहारी जिले में बेखौफ अपराधियों ने एक बार फिर पुलिस को चुनौती देते हुए दिनदहाड़े गोलीबारी की घटना को अंजाम दिया है। लखौरा थाना क्षेत्र के गोला पकड़िया स्कूल के समीप आपसी रंजिश में एक युवक को निशाना बनाया गया। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस कप्तान स्वर्ण प्रभात ने त्वरित एक्शन लिया, जिसके परिणामस्वरूप कुछ ही घंटों के भीतर दो मुख्य अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया गया है।
स्कूल के पास घात लगाकर हमला, मची अफरा-तफरी
घटना सोमवार सुबह की है जब लखौरा थाना क्षेत्र के गोला पकड़िया स्कूल परिसर के पास अज्ञात अपराधियों ने घात लगाकर एक 25 वर्षीय युवक पर फायरिंग कर दी। घायल युवक की पहचान महुआवा थाना क्षेत्र के कटगेनवा निवासी राजेश यादव के पुत्र सुमन कुमार उर्फ विक्की के रूप में हुई है। चश्मदीदों के मुताबिक, अपराधी पहले से ही विक्की का इंतजार कर रहे थे और जैसे ही वह मौके पर पहुँचा, उस पर गोलियां बरसा दी गईं। गोली लगने के बाद विक्की लहूलुहान होकर गिर पड़ा, जबकि अपराधी मौके से फरार होने में सफल रहे।
डायल 112 की तत्परता और घायल की नाजुक स्थिति
गोलीबारी की आवाज सुनकर स्थानीय ग्रामीणों में भगदड़ मच गई। सूचना मिलते ही डायल 112 की पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची और घायल विक्की को नाजुक स्थिति में उठाकर मोतिहारी सदर अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों ने घायल की गंभीर स्थिति को देखते हुए प्राथमिक उपचार के बाद उसे बेहतर इलाज के लिए हायर सेंटर (रेफरल) भेज दिया है। परिजनों का कहना है कि विक्की रविवार को घर से निकला था और सोमवार सुबह इस हमले का शिकार हो गया।
आपराधिक इतिहास और आपसी दुश्मनी का मामला
पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि घायल सुमन उर्फ विक्की का पुराना आपराधिक इतिहास रहा है। उसके विरुद्ध मुफस्सिल, महुआवा और लखौरा समेत कई थानों में लूट और चोरी के दर्जन भर मामले दर्ज हैं। दिलचस्प बात यह है कि घटना से महज एक दिन पहले ही घोड़ासहन पुलिस ने संदिग्ध गतिविधि के आरोप में विक्की को हिरासत में लिया था और रविवार शाम को ही 'क्रिमिनल परेड' कराकर उसे मुक्त किया गया था। पुलिस का मानना है कि यह वारदात शुद्ध रूप से आपसी आपराधिक रंजिश का परिणाम है।
SIT की बड़ी कामयाबी, दो मुख्य अपराधी गिरफ्तार
वारदात के तुरंत बाद अपराधियों की धरपकड़ के लिए SP ने प्रशिक्षु IPS हेमंत सिंह और SDPO जितेश पांडे के नेतृत्व में एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया। इस टीम में DIU और स्थानीय थानाध्यक्षों को शामिल किया गया। एसआईटी ने इलाके में लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाले और तकनीकी इनपुट के आधार पर ताबड़तोड़ छापेमारी शुरू की। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इस मामले के दो मुख्य अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया है।
वर्तमान में पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से कड़ी पूछताछ कर रही है ताकि इस साजिश में शामिल अन्य सफेदपोशों और अपराधियों तक पहुँचा जा सके। पूरे लखौरा क्षेत्र में पुलिस गश्त बढ़ा दी गई है और फरार चल रहे अन्य सहयोगियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है।







