नेशनल डेस्क, एन के सिंह।
मास्टरमाइंड सतीश चौधरी और मुख्य तस्कर लवकुश गिरफ्तार।
गाजियाबाद से 'SS केमिकल्स' के नाम पर भेजी गई थी मौत की स्पिरिट, जिससे हुई 10 लोगों की मौत।
पूर्वी चंपारण: बिहार के मोतिहारी में कोहराम मचाने वाले जहरीली शराब कांड में पुलिस और एसआईटी को अब तक की सबसे बड़ी सफलता हाथ लगी है। इस पूरे काले साम्राज्य का पर्दाफाश करते हुए पुलिस ने इस मौत के खेल के असली खिलाड़ियों को सलाखों के पीछे पहुँचा दिया है।
मोतिहारी पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात ने बताया कि एसआईटी ने उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में छापेमारी कर इस कांड के मुख्य सूत्रधार और 'SS केमिकल्स' कंपनी के मालिक सतीश चंद्र चौधरी को गिरफ्तार कर लिया है। सतीश चौधरी, जो मूल रूप से बस्ती जिले के थाना लालगंज अंतर्गत ग्राम सुक्रौली का रहने वाला है, वर्तमान में गाजियाबाद के साहिबाबाद स्थित जीटी रोड इलाके से अपना नेटवर्क संचालित कर रहा था। इसी की कंपनी के जरिए 'SS केमिकल्स' के नाम पर वह जहरीली स्पिरिट की सप्लाई कर रहा था, जिसने कई परिवारों को उजाड़ दिया।
इस हाई-प्रोफाइल केस की कड़ियाँ तब जुड़ीं जब पुलिस ने इस पूरे नेटवर्क के सबसे बड़े स्थानीय तस्कर लवकुश यादव को शुक्रवार की सुबह दबोच लिया। लवकुश ही वह मुख्य कड़ी था जो गाजियाबाद से सतीश चौधरी के जरिए जहरीली स्पिरिट की खेप मंगाता था और उसे स्थानीय स्तर पर खपाता था। पुलिस की जांच में यह गंभीर आरोप सामने आया है कि लवकुश यादव ने ही कन्हैया यादव और सुनील शाह को वह जहरीली स्पिरिट मुहैया कराई थी, जिसे शराब में मिलाकर बेचा गया। इस जहरीली शराब के सेवन से अब तक प्रदेश में 10 लोगों की दर्दनाक मौत हो चुकी है, जबकि दर्जनों लोग अभी भी अस्पतालों में अपनी जिंदगी और मौत की आखिरी जंग लड़ रहे हैं। इस गिरफ्तारी के बाद मोतिहारी पुलिस ने मौत के इस पूरे रूट का खुलासा कर दिया है।
मोतिहारी पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात के मुताबिक, आरोपी सतीश चौधरी को लखनऊ से गिरफ्तार कर मोतिहारी लाया गया है, जहाँ उससे गहन पूछताछ की जा रही है। पूछताछ के दौरान कंपनी मालिक सतीश चौधरी ने इस पूरे खेल में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली है और पुलिस को उसके खिलाफ कई महत्वपूर्ण वित्तीय साक्ष्य भी मिले हैं। तुरकौलिया थाना कांड संख्या-174/26 के तहत दर्ज इस मामले में अब पुलिस लवकुश यादव और सतीश चौधरी के बीच हुए लेन-देन और नेटवर्क की गहराई से पड़ताल कर रही है। पुलिस का दावा है कि इन गिरफ्तारियों के बाद जहरीली स्पिरिट की सप्लाई चेन पूरी तरह टूट गई है और बरामद सबूतों के आधार पर आगे भी कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी ताकि भविष्य में ऐसे घिनौने अपराधों पर पूरी तरह लगाम लगाई जा सके।







