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मोतिहारी: हर घूंट में मौत, कब थमेगा यह तांडव?

लोकल डेस्क, एन के सिंह।

आधिकारिक आंकड़ों में छह मौतों की पुष्टि। जमीनी हकीकत इससे कहीं ज्यादा भयावह।

पूर्वी चंपारण : तुरकौलिया और रघुनाथपुर इलाके एक बार फिर जहरीली शराब की भयावह सच्चाई से जूझ रहे हैं। मौत का आंकड़ा लगातार बढ़ता जा रहा है और हर नई खबर के साथ किसी न किसी घर की दुनिया उजड़ती जा रही है। ताजा घटना ने इस त्रासदी को और गहरा कर दिया है, जहां एक और परिवार हमेशा के लिए बिखर गया।

रघुनाथपुर के आदर्श नगर क्षेत्र में रहने वाले 35 वर्षीय लड्डू शाह की इलाज के दौरान मौत हो गई। इस एक मौत ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। लड्डू शाह अपने पीछे पत्नी और पांच छोटी बेटियों को छोड़ गए हैं, जिनकी जिंदगी अब अचानक एक कठिन मोड़ पर आ गई है। घर में पसरा सन्नाटा और बच्चों की सिसकियां इस त्रासदी की गंभीरता को बयां कर रही हैं।

परिवार का आरोप है कि गांव के ही एक व्यक्ति द्वारा दी गई शराब इस मौत की वजह बनी। सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई कि जिस व्यक्ति पर अवैध शराब बेचने का आरोप है, उसके अपने परिवार के लोग भी इसी जहरीली शराब का शिकार हो चुके हैं। बताया जा रहा है कि उसके भाई और चाचा की भी इसी कारण जान जा चुकी है। इस घटना ने यह दिखा दिया है कि यह अवैध धंधा कितना खतरनाक और बेकाबू हो चुका है।

लड्डू शाह की तबीयत शराब पीने के बाद अचानक बिगड़ गई थी। उन्हें तुरंत इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों की कोशिशें नाकाम रहीं। अस्पताल में उनकी सांसें टूटने के साथ ही एक परिवार की उम्मीदें भी खत्म हो गईं। घटना के बाद पूरे इलाके में भय और आक्रोश का माहौल है।

आधिकारिक तौर पर इस जहरीली शराब कांड में छह लोगों की मौत की पुष्टि की गई है, लेकिन स्थानीय लोगों का कहना है कि वास्तविक संख्या इससे अधिक हो सकती है। कई लोग अभी भी बीमार हैं और अस्पतालों में जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे हैं।

यह घटना एक बार फिर यह सवाल खड़ा करती है कि जब राज्य में शराबबंदी लागू है, तब भी इस तरह का अवैध कारोबार कैसे फल-फूल रहा है। प्रशासन की ओर से जांच और कार्रवाई की बात कही जा रही है, लेकिन हर बार की तरह इस बार भी लोग ठोस और स्थायी समाधान की उम्मीद कर रहे हैं।

फिलहाल पुलिस मुख्य आरोपियों की तलाश में जुटी है और पूरे नेटवर्क को खंगालने की कोशिश की जा रही है। लेकिन जब तक इस अवैध धंधे की जड़ों पर सख्ती से प्रहार नहीं होगा, तब तक इस तरह की घटनाएं रुकने की संभावना कम ही नजर आती है। यह सिर्फ एक घटना नहीं, बल्कि उस दर्द की कहानी है जो बार-बार अलग-अलग घरों में दोहराई जा रही है।