Ad Image
Ad Image
पुलिस ने राहुल गांधी, प्रियंका गांधी समेत कई वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं को हिरासत में लिया || PM के आवास के बाहर पेपर लीक और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे को लेकर धरने पर राहुल गांधी || PM मोदी के आवास के बाहर धरने पर राहुल गांधी समेत कांग्रेस के सभी दिग्गज || अमेरिकी और ईरान के बीच प्रारंभिक समझौता, 60 दिन का सीजफायर लागू || अमेरिकी सेंट्रल कमान की घोषणा, ईरान की नाकेबंदी समाप्त || ईरान - अमेरिका में टकराव चरम पर, नए हमलों से सीजफायर पर लग सकता ब्रेक || जापान: तूफान जोंगमी ने मचाई तबाही, 60 हजार से अधिक घरों में बिजली गुल || जयराम रमेश ने लिखा पत्र, ग्रेट निकोबार परियोजना पर पुनर्विचार की अपील || नई दिल्ली के मालवीय नगर स्थित रेस्टोरेंट में आग से 20 की मौत, दर्जनों घायल || ट्रंप ने कहा, खाड़ी देशों की अपील पर ईरान पर हमले बंद किए गए

The argument in favor of using filler text goes something like this: If you use any real content in the Consulting Process anytime you reach.

  • img
  • img
  • img
  • img
  • img
  • img

Get In Touch

मोतिहारी:जन्म प्रमाण पत्र के बदले घूस लेते पकड़ा गया ऑपरेटर

लोकल डेस्क, आर्या कुमारी।

मोतिहारी। पूर्वी चंपारण जिले के तुरकौलिया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) से रिश्वतखोरी का मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। नवजात शिशु का जन्म प्रमाण पत्र जारी करने के बदले रुपये लेने का कथित वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद सिविल सर्जन ने मामले का संज्ञान लिया और आरोपी डाटा ऑपरेटर को तत्काल प्रभाव से सेवा से हटा दिया। इस कार्रवाई के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है।

वायरल वीडियो में कथित तौर पर डाटा ऑपरेटर रघुवीर कुमार यादव जन्म प्रमाण पत्र बनाने के बदले एक व्यक्ति से रुपये लेते दिखाई दे रहा है। आरोप है कि प्रमाण पत्र लेने पहुंचे व्यक्ति ने पहले 100 रुपये दिए, लेकिन ऑपरेटर ने इतने में काम करने से इनकार कर दिया और 200 रुपये की मांग की। इसके बाद उससे पूरे 200 रुपये लेकर प्रमाण पत्र जारी करने की बात कही गई। वीडियो सामने आने के बाद यह मामला तेजी से चर्चा का विषय बन गया।

मामले की जानकारी मिलते ही पूर्वी चंपारण के सिविल सर्जन ने पूरे प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए तत्काल जांच कराई। प्रारंभिक स्तर पर वीडियो को गंभीर मानते हुए उन्होंने आरोपी डाटा ऑपरेटर के खिलाफ सख्त कार्रवाई का निर्णय लिया। अधिकारियों का कहना है कि सरकारी सेवाओं के बदले अवैध रूप से पैसे की मांग किसी भी परिस्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी और दोषियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाएगी।

सिविल सर्जन के निर्देश पर डाटा ऑपरेटर रघुवीर कुमार यादव को तत्काल प्रभाव से कार्यमुक्त कर संबंधित आउटसोर्सिंग एजेंसी को वापस भेज दिया गया है। स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया कि सरकारी अस्पतालों में कार्यरत किसी भी कर्मी द्वारा रिश्वत लेने या आम लोगों से अवैध वसूली करने की शिकायत मिलने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने इस मामले को भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत लिया है।

सिविल सर्जन डॉ. दिलीप कुमार सिंह ने कहा कि सरकारी अस्पतालों में नवजात शिशुओं का जन्म प्रमाण पत्र पूरी तरह निःशुल्क बनाया जाता है। इसके लिए किसी भी व्यक्ति से शुल्क या अतिरिक्त राशि लेना पूरी तरह अवैध है। उन्होंने लोगों से अपील की कि यदि कोई कर्मचारी जन्म प्रमाण पत्र या अन्य सरकारी सेवा के बदले पैसे की मांग करता है, तो इसकी शिकायत तत्काल स्वास्थ्य विभाग को दें, ताकि दोषियों के खिलाफ समय पर कार्रवाई की जा सके।

डॉ. दिलीप कुमार सिंह ने यह भी स्पष्ट किया कि जिले में भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि वायरल वीडियो के आधार पर त्वरित कार्रवाई कर आरोपी को सेवा से हटा दिया गया है। भविष्य में भी यदि किसी सरकारी स्वास्थ्य संस्थान से इस तरह की शिकायत सामने आती है, तो संबंधित कर्मियों के विरुद्ध सख्त विभागीय और कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।