लोकल डेस्क, आर्या कुमारी।
मोतिहारी।बेतिया राज और चीनी मिल की जमीनों पर कथित अवैध कब्जे के खिलाफ जिला प्रशासन ने बड़े स्तर पर कार्रवाई शुरू कर दी है। इसी क्रम में सदर अंचल कार्यालय ने करीब 500 लोगों को जमीन खाली करने का नोटिस जारी किया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि गलत तरीके से कराई गई जमाबंदियों की जांच कर उन्हें रद्द किया जाएगा और सरकारी व राज की जमीनों को अतिक्रमण से मुक्त कराया जाएगा।
लंबे समय से शिकायतें मिल रही थीं कि बेतिया राज की जमीनों की नियमों के विपरीत रजिस्ट्री कराई गई और उसी के आधार पर कई जगहों पर फर्जी या अनियमित तरीके से जमाबंदी कायम कर ली गई। शिकायतों की जांच के बाद प्रशासन ने अब कार्रवाई तेज कर दी है। नोटिस जारी होने के बाद अवैध तरीके से जमीन पर कब्जा करने और दस्तावेज तैयार कराने वालों में हड़कंप मच गया है। अधिकारियों का कहना है कि हर मामले की अलग-अलग जांच की जा रही है और जहां भी अनियमितता मिलेगी, वहां कानून के अनुसार कार्रवाई होगी।
सदर अंचल अधिकारी सुनील कुमार ने बताया कि जिन मामलों में गलत तरीके से जमाबंदी कायम की गई है, उनकी समीक्षा की जा रही है। जांच में गड़बड़ी मिलने पर ऐसी सभी जमाबंदियों को निरस्त करने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकारी और बेतिया राज की संपत्तियों पर अवैध कब्जे को किसी भी हाल में स्वीकार नहीं किया जाएगा और सभी संबंधित मामलों में नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि अभियान केवल बेतिया राज की जमीन तक सीमित नहीं रहेगा। चीनी मिल की जमीनों से जुड़े मामलों की भी जांच की जाएगी और जहां भी सरकारी अथवा सार्वजनिक भूमि पर अवैध कब्जा, फर्जी रजिस्ट्री या अन्य अनियमितता मिलेगी, वहां सख्त कदम उठाए जाएंगे। अधिकारियों का कहना है कि सार्वजनिक संपत्तियों को निजी कब्जे से मुक्त कराना प्रशासन की प्राथमिकता है।
यह कार्रवाई बिहार सरकार की नई 'बेतिया राज संपत्ति नियमावली-2026' के तहत तेज हुई है। सरकार ने बेतिया राज की संपत्तियों के प्रबंधन और निपटारे के लिए नई व्यवस्था लागू की है, जिसके बाद राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग की अधिसूचना के आधार पर पूर्वी चंपारण समेत छह जिलों में बेतिया राज की हजारों एकड़ जमीन को सरकारी नियंत्रण में लेने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है।
नई नियमावली के तहत जिले के सभी 26 अंचलों में अमीनों की टीम से वैज्ञानिक तरीके से भूमि का सर्वे और मापी कराई गई। इस दौरान कई स्थानों पर जमीन से जुड़े रिकॉर्ड में गड़बड़ियां सामने आईं। अकेले सदर अंचल में ही सैकड़ों एकड़ भूमि से जुड़े मामलों में अनियमितताओं की पहचान की गई है, जिसके आधार पर प्रशासन अब दस्तावेजों की जांच और कानूनी कार्रवाई आगे बढ़ा रहा है।
प्रशासन का मानना है कि यह अभियान जिले में व्यापक भूमि सत्यापन और अतिक्रमण हटाने की दिशा में अहम कदम साबित होगा। आने वाले दिनों में जांच के आधार पर और भी कई मामलों में नोटिस जारी किए जा सकते हैं। साथ ही अवैध जमाबंदियों को रद्द कर सरकारी, बेतिया राज और चीनी मिल की जमीनों को कब्जामुक्त कराया जाएगा, ताकि इन सार्वजनिक संपत्तियों का उपयोग भविष्य में सरकारी विकास योजनाओं और जनहित के कार्यों में किया जा सके।







