Ad Image
Ad Image
अमेरिकी और ईरान के बीच प्रारंभिक समझौता, 60 दिन का सीजफायर लागू || अमेरिकी सेंट्रल कमान की घोषणा, ईरान की नाकेबंदी समाप्त || ईरान - अमेरिका में टकराव चरम पर, नए हमलों से सीजफायर पर लग सकता ब्रेक || जापान: तूफान जोंगमी ने मचाई तबाही, 60 हजार से अधिक घरों में बिजली गुल || जयराम रमेश ने लिखा पत्र, ग्रेट निकोबार परियोजना पर पुनर्विचार की अपील || नई दिल्ली के मालवीय नगर स्थित रेस्टोरेंट में आग से 20 की मौत, दर्जनों घायल || ट्रंप ने कहा, खाड़ी देशों की अपील पर ईरान पर हमले बंद किए गए || अदाणी समूह को अमेरिका से क्लीनचिट, आपराधिक मामलों में राहत || राहुल गांधी ने कहा, देश में बड़ा आर्थिक संकट आने वाला, आम आदमी होगा परेशान || भारत और नार्वे के बीच कुल 9 समझौतों पर हस्ताक्षर, बेहतर सहयोग की पहल: मोदी

The argument in favor of using filler text goes something like this: If you use any real content in the Consulting Process anytime you reach.

  • img
  • img
  • img
  • img
  • img
  • img

Get In Touch

युद्धविराम की ओर बढ़ रहे हैं ईरान-इजरायल : ट्रंप

विदेश डेस्क, ऋषि राज |

वॉशिंगटन/तेल अवीव: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान और इजरायल के बीच जारी तनाव अब युद्धविराम और शांति वार्ता की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों के बीच संवाद के लिए अनुकूल माहौल बन रहा है और यदि कूटनीतिक प्रयास सफल रहे तो क्षेत्र में स्थिरता स्थापित करने का मार्ग प्रशस्त हो सकता है।

ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया मंच पर जारी संदेश में कहा कि शांति को लेकर बातचीत आगे बढ़ रही है और सभी पक्षों को धैर्य तथा संयम बनाए रखना चाहिए। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि अंतिम समझौते तक पहुंचने के लिए अभी कई महत्वपूर्ण चरण बाकी हैं, लेकिन हाल के घटनाक्रम सकारात्मक दिशा की ओर इशारा करते हैं।

पिछले कुछ सप्ताहों में ईरान और इजरायल के बीच बढ़े तनाव ने पूरे पश्चिम एशिया को चिंता में डाल दिया था। मिसाइल हमलों, सुरक्षा चेतावनियों और सैन्य गतिविधियों के कारण क्षेत्रीय स्थिरता पर सवाल खड़े हो गए थे। ऐसे माहौल में ट्रंप का बयान उम्मीद की किरण के रूप में देखा जा रहा है।

अंतरराष्ट्रीय समुदाय भी लंबे समय से दोनों देशों के बीच तनाव कम करने की कोशिश कर रहा है। संयुक्त राष्ट्र, यूरोपीय देशों और कई क्षेत्रीय शक्तियों ने कूटनीतिक समाधान पर जोर दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि दोनों पक्ष वार्ता के लिए तैयार होते हैं तो इससे व्यापक संघर्ष की आशंका कम हो सकती है।

हालांकि, राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि केवल बयानबाजी से स्थिति नहीं बदलेगी। स्थायी शांति के लिए ठोस समझौते, सुरक्षा गारंटी और पारस्परिक विश्वास निर्माण की आवश्यकता होगी। इसके बावजूद ट्रंप के ताजा बयान ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा को नई दिशा दी है और अब दुनिया की नजरें संभावित वार्ताओं तथा अगले कूटनीतिक कदमों पर टिकी हुई हैं।