Ad Image
Ad Image
सुप्रीम कोर्ट ने नोएडा हेट स्पीच मामले की आज सुनवाई की || लोकसभा से निलंबित सांसदों पर आसन पर कागज फेंकने का आरोप || लोकसभा से कांग्रेस के 7 और माकपा का 1 सांसद निलंबित || पटना: NEET की छात्रा के रेप और हत्या को लेकर सरकार पर जमकर बरसे तेजस्वी || स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा, केशव मौर्य को होना चाहिए यूपी का CM || मतदाता दिवस विशेष: मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा 'मतदान राष्ट्रसेवा' || नितिन नबीन बनें भाजपा के पूर्णकालिक राष्ट्रीय अध्यक्ष, डॉ. लक्ष्मण ने की घोषणा || दिल्ली को मिली फिर साफ हवा, AQI 220 पर पहुंचा || PM मोदी ने भारतरत्न अटल जी और मालवीय जी की जयंती पर श्रद्धा सुमन अर्पित किया || युग पुरुष अटल बिहारी वाजपेयी जी की जन्म जयंती आज

The argument in favor of using filler text goes something like this: If you use any real content in the Consulting Process anytime you reach.

  • img
  • img
  • img
  • img
  • img
  • img

Get In Touch

यूक्रेन में रूसी सैन्य अभियान जारी रहेगा: पुतिन

विदेश डेस्क, ऋषि राज |

मॉस्को: रूस और यूक्रेन के बीच लगभग तीन वर्ष से जारी युद्ध पर पहली बार रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने स्पष्ट और कड़ा बयान देते हुए कहा है कि जब तक यूक्रेन में संचालन के सभी सैन्य व राजनीतिक उद्देश्य पूरी तरह हासिल नहीं हो जाते, तब तक रूसी विशेष सैन्य अभियान किसी भी परिस्थिति में नहीं रुकेगा। उनके इस बयान ने यह साफ कर दिया है कि आने वाले समय में यूक्रेन युद्ध और लंबा खिंच सकता है।

पुतिन ने कहा कि रूस की सुरक्षा, सीमाओं की रक्षा और क्षेत्रीय राजनीतिक संतुलन को सुनिश्चित करने के लिए चल रहा यह अभियान आवश्यक है। उन्होंने दोहराया कि यह संघर्ष फरवरी 2022 से पहले ही शुरू हो चुका था, क्योंकि पश्चिमी देशों और नाटो द्वारा यूक्रेन को हथियारों की आपूर्ति और सैन्य प्रभाव बढ़ाने के प्रयासों ने रूस को खतरे में डाल दिया था। पुतिन ने आरोप लगाया कि नाटो की पूर्व की ओर विस्तार नीति और यूक्रेन में सैन्य ढांचे को मजबूत करने की पहल ने रूस को कार्रवाई के लिए मजबूर किया।

राष्ट्रपति पुतिन ने कहा कि रूसी सेना रणनीतिक क्षेत्रों में लगातार प्रगति कर रही है और यूक्रेन के कई इलाकों में “स्थितियां नियंत्रण में” हैं। उन्होंने दावा किया कि रूसी सेनाएँ अपने अभियान को योजनाबद्ध तरीके से आगे बढ़ा रही हैं और रूस के हितों को किसी भी कीमत पर सुरक्षित रखा जाएगा।

उन्होंने यह भी कहा कि रूस बातचीत से पीछे नहीं हट रहा, लेकिन किसी समझौते के लिए रूस की शर्तें स्पष्ट हैं—यूक्रेन को “नाटो से दूरी” बनानी होगी, रूसी भाषी क्षेत्रों में कार्रवाई रोकनी होगी और रूस की सुरक्षा चिंताओं को मान्यता देनी होगी। पुतिन के अनुसार, जब तक यूक्रेन और उसके सहयोगी देश इन बिंदुओं पर विचार नहीं करते, शांति बातचीत का कोई आधार नहीं है।

विशेषज्ञों का मानना है कि पुतिन का यह बयान न केवल युद्ध को लंबा खींच सकता है, बल्कि आने वाले महीनों में दोनों पक्षों के बीच लड़ाई और तेज होने की संभावना है, विशेषकर पूर्वी यूक्रेन के डोनेट्स्क और लुहांस्क क्षेत्रों में। वहीं पश्चिमी देशों ने रूस के बयान की आलोचना करते हुए कहा है कि पुतिन यूक्रेन पर दबाव बनाने और वैश्विक भू-राजनीति में अपनी स्थिति मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं।

कुल मिलाकर, पुतिन के इस बयान ने स्पष्ट कर दिया है कि यूक्रेन युद्ध का अंत अभी दूर है और दोनों देशों के बीच किसी भी प्रकार की शांति प्रक्रिया की राह फिलहाल मुश्किल नज़र आ रही है।