विदेश डेस्क, ऋषि राज
ब्रुसेल्स। यूरोपीय आयोग की उपाध्यक्ष काजा कैलस ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के हालिया युद्धविराम प्रस्ताव पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए इसे “अत्यंत कुटिल” करार दिया है। उन्होंने कहा कि यूक्रेन युद्ध को लेकर रूस की रणनीति पर यूरोपीय देशों को सतर्क रहने की आवश्यकता है। कैलस ने स्पष्ट किया कि यूरोप किसी भी ऐसे प्रस्ताव को स्वीकार नहीं करेगा, जो केवल समय हासिल करने या अंतरराष्ट्रीय दबाव को कम करने का प्रयास हो।
सोमवार को ब्रुसेल्स में यूरोपीय संघ के नेताओं की बैठक के दौरान कैलस ने कहा कि रूस की ओर से दिए जा रहे संकेतों को केवल शब्दों के आधार पर नहीं, बल्कि उसके जमीनी कदमों के आधार पर परखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यूक्रेन में जारी संघर्ष ने यूरोप की सुरक्षा और स्थिरता को गहराई से प्रभावित किया है, इसलिए इस मुद्दे पर एकजुट और सख्त रुख जरूरी है।
कैलस ने उन अटकलों को भी खारिज कर दिया, जिनमें जर्मनी के पूर्व चांसलर गेरहार्ड श्रेडर को रूस और यूरोप के बीच संभावित मध्यस्थ के रूप में देखा जा रहा था। उन्होंने कहा कि यूरोपीय संघ की प्राथमिकता यूक्रेन की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा करना है।
यूरोपीय नेताओं ने बैठक में रूस के खिलाफ प्रतिबंधों, रक्षा सहयोग और यूक्रेन को सैन्य एवं आर्थिक सहायता जारी रखने पर चर्चा की। कैलस ने कहा कि जब तक रूस अपने कदमों से वास्तविक शांति की इच्छा नहीं दिखाता, तब तक यूरोप को अपने सिद्धांतों पर अडिग रहना होगा।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि कैलस का बयान यूरोप की उस नीति को दर्शाता है, जिसमें रूस के प्रति कड़ा और सतर्क रुख अपनाया जा रहा है। यूक्रेन संकट के बीच यूरोपीय संघ लगातार संयुक्त रणनीति के तहत कार्य कर रहा है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर कूटनीतिक गतिविधियां और तेज होने की संभावना है।







