Ad Image
Ad Image
सुप्रीम कोर्ट ने नोएडा हेट स्पीच मामले की आज सुनवाई की || लोकसभा से निलंबित सांसदों पर आसन पर कागज फेंकने का आरोप || लोकसभा से कांग्रेस के 7 और माकपा का 1 सांसद निलंबित || पटना: NEET की छात्रा के रेप और हत्या को लेकर सरकार पर जमकर बरसे तेजस्वी || स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा, केशव मौर्य को होना चाहिए यूपी का CM || मतदाता दिवस विशेष: मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा 'मतदान राष्ट्रसेवा' || नितिन नबीन बनें भाजपा के पूर्णकालिक राष्ट्रीय अध्यक्ष, डॉ. लक्ष्मण ने की घोषणा || दिल्ली को मिली फिर साफ हवा, AQI 220 पर पहुंचा || PM मोदी ने भारतरत्न अटल जी और मालवीय जी की जयंती पर श्रद्धा सुमन अर्पित किया || युग पुरुष अटल बिहारी वाजपेयी जी की जन्म जयंती आज

The argument in favor of using filler text goes something like this: If you use any real content in the Consulting Process anytime you reach.

  • img
  • img
  • img
  • img
  • img
  • img

Get In Touch

रक्सौल नगर परिषद की मुख्य पार्षद बर्खास्त, 6.63 करोड़ की खरीद में नियमों की अनदेखी का आरोप

लोकल डेस्क, एन.के. सिंह |

पूर्वी चंपारण: नगर विकास एवं आवास विभाग, बिहार सरकार ने रक्सौल नगर परिषद की मुख्य पार्षद धुरपति देवी को तत्काल प्रभाव से पद से हटा दिया है। यह कार्रवाई उप मुख्य पार्षद पुष्पा देवी की शिकायत पर हुई जाँच में आरोप साबित होने के बाद की गई।

जाँच में पाया गया कि धुरपति देवी ने समूह ‘ग’ और ‘घ’ में 38 पदों पर अवैध बहाली की, बोर्ड की अनुमति के बिना 6 करोड़ 63 लाख 99 हजार 500 रुपये की सामग्री GeM पोर्टल से खरीदी, और पिछले 9 महीने से अधिक समय तक बोर्ड की बैठक नहीं बुलाई।

शिकायत के अनुसार, उन्होंने सशक्त स्थायी समिति के माध्यम से ही अधिकांश कार्य कराए और 12 अक्टूबर 2023 को हुई बोर्ड बैठक में सामग्री खरीद के निर्णय को अगली बैठक में अनुमोदित नहीं कराया। यह बिहार नगरपालिका सशक्त स्थायी समिति कार्य संचालन नियमावली, 2010 और बिहार नगरपालिका अधिनियम, 2007 की धारा 48 का उल्लंघन था।

स्पष्टीकरण में धुरपति देवी ने कहा कि निर्णय सामूहिक रूप से लिए गए थे और वित्तीय शक्तियाँ कार्यपालक पदाधिकारी के पास थीं। उन्होंने बीमारी और चुनाव आचार संहिता के कारण बैठकें न होने का कारण बताया, लेकिन विभाग ने उनका स्पष्टीकरण असंतोषजनक पाया।

विभागीय समीक्षा में उन्हें अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने से इंकार करने और दुराचार का दोषी मानते हुए बिहार नगरपालिका अधिनियम, 2007 की धारा 25 (4) के तहत पद से हटा दिया गया।