नेशनल डेस्क, श्रेया पाण्डेय |
नई दिल्ली: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने घरेलू रसोई गैस (एलपीजी) सिलेंडर के दामों में लगातार हो रही बढ़ोतरी को लेकर केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर तीखा हमला बोला और इसे जनता की 'लूट' करार दिया। रविवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर सरकार को कटघरे में खड़ा करते हुए उन्होंने कहा कि बढ़ती महंगाई के इस दौर में घरेलू एलपीजी सिलेंडर के दाम बढ़ाकर आम जनता की रसोई को भारी नुकसान पहुंचाया जा रहा है। कांग्रेस अध्यक्ष ने आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि मोदी सरकार ने केवल पिछले चार महीनों के भीतर ही घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में ₹89 की भारी बढ़ोतरी कर दी है। इसके साथ ही उन्होंने पिछले 12 वर्षों का लेखा-जोखा सामने रखते हुए दावा किया कि इस लंबी अवधि में सरकार ने घरेलू एलपीजी सिलेंडर के दामों में कुल ₹530 की वृद्धि की है, जिससे मध्यम और गरीब परिवारों का बजट पूरी तरह से बिगड़ चुका है।
खरगे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा संसद में दिए गए पुराने बयानों की याद दिलाते हुए नीतिगत मोर्चे पर भी सरकार को घेरा। उन्होंने सवाल उठाया कि संसद में प्रधानमंत्री ने पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) संकट के मद्देनजर दुनिया के 41 देशों से ईंधन विविधीकरण (फ्यूल डायवर्सिफिकेशन) करने के बड़े-बड़े दावे किए थे, लेकिन हकीकत में उन रणनीतियों का क्या हुआ? उन्होंने रोष व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार की बड़ी-बड़ी घोषणाओं के बावजूद आज भी देश के ग्रामीण इलाकों में रसोई गैस की भारी किल्लत बनी हुई है और लोग एलपीजी सिलेंडर के लिए परेशान हो रहे हैं।
इसके अलावा, कांग्रेस अध्यक्ष ने एक हालिया आरटीआई (RTI) रिपोर्ट और सरकारी डेटा का हवाला देते हुए प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना की सफलता पर भी गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने आंकड़ों के जरिए स्पष्ट किया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान देश के लगभग 5.56 करोड़ परिवारों ने पूरे साल में या तो केवल एक बार सिलेंडर रिफिल कराया या फिर एक बार भी रिफिल नहीं लिया। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इनमें से 3.30 करोड़ परिवारों ने तो पूरे साल में एक भी सिलेंडर दोबारा नहीं खरीदा। खरगे ने जोर देकर पूछा कि क्या यह निराशाजनक स्थिति सरकार की गलत आर्थिक नीतियों और एलपीजी की आसमान छूती कीमतों का सीधा परिणाम नहीं है? उन्होंने यह भी साफ किया कि ग्रामीण और गरीब परिवारों की यह बदहाली पश्चिम एशिया के संकट से बहुत पहले ही शुरू हो चुकी थी।
अपने बयान के आखिरी हिस्से में खरगे ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेताओं के दोहरे रवैये पर तंज कसा। उन्होंने याद दिलाया कि जब देश में यूपीए (UPA) की सरकार थी, तब महंगाई और गैस की कीमतों में मामूली बढ़ोतरी होने पर भी वर्तमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा के तमाम बड़े नेता सड़कों पर सिलेंडर लेकर प्रदर्शन करने बैठ जाते थे और हंगामा मचाते थे। लेकिन आज, जब देश में लगातार घरेलू एलपीजी की कीमतें बढ़ रही हैं और आम जनता त्रस्त है, तब भाजपा के वही नेता पूरी तरह से चुप्पी साधे हुए हैं। उन्होंने चुटकी लेते हुए पूछा कि अब भाजपा के वे नेता रसोई गैस के बढ़े हुए दामों के खिलाफ सड़कों पर सिलेंडर लेकर विरोध प्रदर्शन करने क्यों नहीं उतर रहे हैं? खरगे के इस कड़े रुख ने एक बार फिर देश में बढ़ती महंगाई और घरेलू ईंधन की कीमतों को लेकर राजनीतिक बहस को गरमा दिया है।







