स्टेट डेस्क, एन के सिंह।
बिहार राज्य प्रवासी मजदूर दुर्घटना अनुदान योजना-2008 के तहत मृतकों के आश्रितों और घायलों को लाभान्वित करने की प्रशासनिक प्रक्रिया शुरू।
पूर्वी चंपारण: राजस्थान के भिवाड़ी स्थित खुशखेड़ा में एक पटाखा फैक्ट्री में हुए भीषण विस्फोट ने बिहार के पूर्वी चम्पारण जिले के कई घरों के चिराग बुझा दिए हैं। 16 फरवरी 2026 को हुई इस दुखद घटना में मोतिहारी जिले के 7 श्रमिकों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि 6 अन्य श्रमिक गंभीर रूप से घायल हैं। मीडिया रिपोर्ट्स और स्थलीय जाँच के बाद प्रशासन ने इन मृतकों और घायलों की शिनाख्त कर ली है। इस घटना के बाद से जिले के हरसिद्धि, घोड़ासहन और चिरैया प्रखंड के गांवों में सन्नाटा पसरा हुआ है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
मृतकों की सूची, कम उम्र के युवाओं ने गंवाई जान
हादसे का शिकार हुए अधिकांश श्रमिक युवा थे, जो परिवार के भरण-पोषण के लिए परदेस गए थे। मृतकों में हरसिद्धि प्रखंड के मटियरिया गांव के अभिषेक कुमार (35 वर्ष), श्याम कुमार (19 वर्ष) और अमरेश कुमार (17 वर्ष) शामिल हैं। वहीं, मुरारपुर के रवि कुमार (19 वर्ष) और महज 14 वर्षीय मंटू कुमार की भी इस हादसे में जान चली गई। घोड़ासहन के नगरवा टोला निवासी मिन्टू कुमार (22 वर्ष) और चिरैया प्रखंड के नारायपुर (नयका टोला) निवासी सुजांत कुमार (18 वर्ष) भी इस त्रासदी की भेंट चढ़ गए। इन युवाओं की मौत ने सुरक्षित रोजगार और पलायन की विवशता पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
प्रशासनिक पहल, 'बिहार राज्य प्रवासी मजदूर दुर्घटना अनुदान योजना' से मिलेगी मदद
इस भीषण त्रासदी के बाद जिला प्रशासन सक्रिय हो गया है। मृतकों के आश्रितों को आर्थिक संबल प्रदान करने के लिए 'बिहार राज्य प्रवासी मजदूर दुर्घटना अनुदान योजना-2008' के तहत लाभान्वित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। सभी संबंधित प्रखंडों के श्रम प्रवर्तन पदाधिकारियों (LEO) को निर्देशित किया गया है कि वे पीड़ित परिवारों के पास जाकर आवश्यक कागजात तैयार करवाएं और इस प्रक्रिया में हर संभव सहयोग प्रदान करें। प्रशासन का लक्ष्य है कि बिना किसी देरी के सहायता राशि शोकाकुल परिवारों तक पहुंच सके।
घायलों की स्थिति और उपचार
विस्फोट में घायल हुए 6 श्रमिकों का उपचार जारी है। इनमें चिरैया प्रखंड के मनु पासवान, नितेश पासवान, कन्हैया पासवान, आशिक पासवान, दीपलाल कुमार और हरसिद्धि के मटियरिया निवासी अनुप कुमार शामिल हैं। इन घायल श्रमिकों के लिए भी प्रशासन ने राहत की घोषणा की है। योजना के प्रावधानों के अनुसार, पूर्ण या आंशिक अपंगता की स्थिति में इन श्रमिकों को भी अनुदान राशि दी जाएगी। श्रम विभाग के अधिकारियों को घायलों के स्वास्थ्य की निगरानी और उनके दस्तावेजों के सत्यापन का जिम्मा सौंपा गया है।






