Ad Image
Ad Image
सुप्रीम कोर्ट ने नोएडा हेट स्पीच मामले की आज सुनवाई की || लोकसभा से निलंबित सांसदों पर आसन पर कागज फेंकने का आरोप || लोकसभा से कांग्रेस के 7 और माकपा का 1 सांसद निलंबित || पटना: NEET की छात्रा के रेप और हत्या को लेकर सरकार पर जमकर बरसे तेजस्वी || स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा, केशव मौर्य को होना चाहिए यूपी का CM || मतदाता दिवस विशेष: मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा 'मतदान राष्ट्रसेवा' || नितिन नबीन बनें भाजपा के पूर्णकालिक राष्ट्रीय अध्यक्ष, डॉ. लक्ष्मण ने की घोषणा || दिल्ली को मिली फिर साफ हवा, AQI 220 पर पहुंचा || PM मोदी ने भारतरत्न अटल जी और मालवीय जी की जयंती पर श्रद्धा सुमन अर्पित किया || युग पुरुष अटल बिहारी वाजपेयी जी की जन्म जयंती आज

The argument in favor of using filler text goes something like this: If you use any real content in the Consulting Process anytime you reach.

  • img
  • img
  • img
  • img
  • img
  • img

Get In Touch

राष्ट्रपति मुर्मु के मणिपुर दौरे से पहले इंफाल में कड़ी सुरक्षा

नेशनल डेस्क, नीतीश कुमार।

इंफाल: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के 11 और 12 दिसंबर को दो दिवसीय मणिपुर दौरे को देखते हुए इंफाल में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और स्वागत की तैयारियाँ  जारी हैं।

हालांकि सरकार की ओर से अभी आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है, लेकिन कांगला क्षेत्र के पास एक स्वागत द्वार तैयार किया गया है तथा पूरे शहर में सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ा दी गई है। राष्ट्रपति के दौरे के खिलाफ कई उग्रवादी संगठनों ने बहिष्कार और राज्यव्यापी बंद का आह्वान किया है। अधिकारियों ने राष्ट्रपति की यात्रा के दौरान संभावित विरोध प्रदर्शनों की आशंका जताई है, इसी कारण मुख्य मार्गों पर आम वाहनों की आवाजाही पर रोक लगाए जाने की संभावना है।

कार्यक्रम के अनुसार, राष्ट्रपति मुर्मु 11 दिसंबर को ऐतिहासिक इंफाल पोलो ग्राउंड में आयोजित एक पोलो कार्यक्रम में शामिल होंगी। इस आयोजन का उद्देश्य इस खेल से मणिपुर के गहरे ऐतिहासिक संबंध को प्रदर्शित करना है, क्योंकि पोलो की उत्पत्ति इसी राज्य से हुई थी। पोलो ग्राउंड में मरम्मत कार्य जारी है।

पोलो कार्यक्रम के बाद राष्ट्रपति एक निर्धारित कार्यक्रम के लिए सिटी कन्वेंशन सेंटर जाएँगी, जिसके आसपास सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है। 12 दिसंबर को वह नुपी लाल मेमोरियल परिसर का दौरा करेंगी, जो 1904 और 1939 के महिला-नेतृत्व वाले ऐतिहासिक आंदोलनों की याद में बनाया गया है। पहला आंदोलन ब्रिटिश शासन द्वारा मणिपुरी पुरुषों पर थोपे गए जबरन श्रम के विरोध में हुआ था, जबकि दूसरा आंदोलन संकट के समय औपनिवेशिक सरकार द्वारा चावल के नियंत्रण और निर्यात के खिलाफ शुरू किया गया था। ये आंदोलन, जिन्हें पूरी तरह महिलाओं ने संचालित किया था, आज भी सामाजिक और राजनीतिक दृष्टि से विशेष महत्व रखते हैं। राष्ट्रपति इन महिला स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि दे सकती हैं।

स्मारक पर कार्यक्रम के बाद वह आधिकारिक कार्यक्रमों के लिए सेनापति जिले के लिए रवाना होंगी। राष्ट्रपति के इस दौरे को ध्यान में रखते हुए इंफाल-सेनापति मार्ग पर अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं।