Ad Image
Ad Image
पुलिस ने राहुल गांधी, प्रियंका गांधी समेत कई वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं को हिरासत में लिया || PM के आवास के बाहर पेपर लीक और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे को लेकर धरने पर राहुल गांधी || PM मोदी के आवास के बाहर धरने पर राहुल गांधी समेत कांग्रेस के सभी दिग्गज || अमेरिकी और ईरान के बीच प्रारंभिक समझौता, 60 दिन का सीजफायर लागू || अमेरिकी सेंट्रल कमान की घोषणा, ईरान की नाकेबंदी समाप्त || ईरान - अमेरिका में टकराव चरम पर, नए हमलों से सीजफायर पर लग सकता ब्रेक || जापान: तूफान जोंगमी ने मचाई तबाही, 60 हजार से अधिक घरों में बिजली गुल || जयराम रमेश ने लिखा पत्र, ग्रेट निकोबार परियोजना पर पुनर्विचार की अपील || नई दिल्ली के मालवीय नगर स्थित रेस्टोरेंट में आग से 20 की मौत, दर्जनों घायल || ट्रंप ने कहा, खाड़ी देशों की अपील पर ईरान पर हमले बंद किए गए

The argument in favor of using filler text goes something like this: If you use any real content in the Consulting Process anytime you reach.

  • img
  • img
  • img
  • img
  • img
  • img

Get In Touch

राष्ट्रीय सुरक्षा के फैसले पूरी तरह AI के भरोसे नहीं छोड़ सकते: राष्ट्रपति मुर्मु

नेशनल डेस्क, नीतीश कुमार।

नई दिल्ली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कहा है कि विज्ञान, राष्ट्रीय सुरक्षा और आर्थिक गतिविधियों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है। हालांकि, राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े फैसले पूरी तरह इस तकनीक के भरोसे नहीं छोड़े जा सकते। उन्होंने बदलती सुरक्षा चुनौतियों के बीच तकनीक के इस्तेमाल में संतुलन बनाए रखने और तेजी से निर्णय लेने की जरूरत पर जोर दिया।

साइबर और अंतरिक्ष तकनीक से बदल रही सुरक्षा चुनौतियां

राष्ट्रपति मुर्मु ने मंगलवार को राष्ट्रपति भवन में 66वें राष्ट्रीय रक्षा महाविद्यालय पाठ्यक्रम के शिक्षकों और प्रतिभागियों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने कहा कि सुरक्षा और प्रौद्योगिकी का क्षेत्र तेजी से बदल रहा है।

उन्होंने बताया कि साइबर सुरक्षा, अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी और जैव प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में युद्ध के नए तरीके सामने आ रहे हैं। ऐसे में बेहतर तैयारी, दूरदर्शिता और बदलते हालात के अनुसार खुद को ढालने की क्षमता जरूरी है।

वैज्ञानिक संस्थानों और सशस्त्र बलों के बीच सहयोग पर जोर

राष्ट्रपति ने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा अब केवल सैन्य ताकत तक सीमित नहीं है। नए विचारों और तकनीक को व्यावहारिक समाधान में बदलने के लिए वैज्ञानिक संस्थानों और सशस्त्र बलों के बीच करीबी सहयोग जरूरी है।

उन्होंने कम लागत वाली ऐसी तकनीकों के महत्व पर भी जोर दिया, जो उन्नत रक्षा प्रणालियों को सहयोग दे सकें और उपलब्ध संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल सुनिश्चित करें। इस संदर्भ में उन्होंने अनुसंधान, विकास और नवाचार योजना जैसी सरकारी पहलों का उल्लेख किया।

मजबूत अर्थव्यवस्था भी राष्ट्रीय सुरक्षा का आधार

राष्ट्रपति मुर्मु ने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए अर्थव्यवस्था का मजबूत होना भी जरूरी है। उन्होंने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था ने बाहरी कारणों से पैदा हुई बाधाओं का सामना करने की क्षमता दिखाई है।

उन्होंने यह भी कहा कि भारत ने इन परिस्थितियों के बावजूद रणनीतिक फैसले लेने की अपनी स्वतंत्रता बनाए रखी है।