Ad Image
Ad Image
अमेरिकी और ईरान के बीच प्रारंभिक समझौता, 60 दिन का सीजफायर लागू || अमेरिकी सेंट्रल कमान की घोषणा, ईरान की नाकेबंदी समाप्त || ईरान - अमेरिका में टकराव चरम पर, नए हमलों से सीजफायर पर लग सकता ब्रेक || जापान: तूफान जोंगमी ने मचाई तबाही, 60 हजार से अधिक घरों में बिजली गुल || जयराम रमेश ने लिखा पत्र, ग्रेट निकोबार परियोजना पर पुनर्विचार की अपील || नई दिल्ली के मालवीय नगर स्थित रेस्टोरेंट में आग से 20 की मौत, दर्जनों घायल || ट्रंप ने कहा, खाड़ी देशों की अपील पर ईरान पर हमले बंद किए गए || अदाणी समूह को अमेरिका से क्लीनचिट, आपराधिक मामलों में राहत || राहुल गांधी ने कहा, देश में बड़ा आर्थिक संकट आने वाला, आम आदमी होगा परेशान || भारत और नार्वे के बीच कुल 9 समझौतों पर हस्ताक्षर, बेहतर सहयोग की पहल: मोदी

The argument in favor of using filler text goes something like this: If you use any real content in the Consulting Process anytime you reach.

  • img
  • img
  • img
  • img
  • img
  • img

Get In Touch

रूस ने यूक्रेन पर 1300 से ज्यादा ड्रोन से किया हमला

विदेश डेस्क, ऋषि राज |

रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध एक बार फिर खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। ताजा जानकारी के अनुसार, रूस ने यूक्रेन पर एक साथ 1300 से ज्यादा ड्रोन से हमला किया, जिससे कई शहरों में भारी तबाही मची है। यूक्रेन की वायु सेना ने दावा किया कि उसने बड़ी संख्या में ड्रोन को मार गिराया, लेकिन फिर भी कई क्षेत्रों में नुकसान हुआ है।

यूक्रेन सरकार के मुताबिक, ड्रोन हमले सबसे ज्यादा राजधानी कीव, ओडेसा, खार्किव और ड्नीप्रो में किए गए। इन हमलों के कारण ऊर्जा संयंत्रों, गोदामों और आवासीय इमारतों को भारी नुकसान पहुंचा। कई जगह आग लग गई, जिससे बचाव कार्यों में दिक्कतें आईं। अब तक 45 लोगों की मौत और 150 से ज्यादा लोगों के घायल होने की पुष्टि हुई है।

वहीं, रूस का कहना है कि यह हमला यूक्रेन की सैन्य क्षमताओं को कमजोर करने के लिए किया गया। रूस ने दावा किया कि उसने उन ठिकानों को निशाना बनाया, जहां से यूक्रेन को पश्चिमी देशों से हथियार और गोला-बारूद की आपूर्ति हो रही थी। यूक्रेन ने इन हमलों को "निर्दोष नागरिकों पर युद्ध" करार दिया है। राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने कहा कि रूस का यह कदम न केवल यूक्रेन बल्कि पूरी दुनिया की सुरक्षा के लिए खतरा है। उन्होंने पश्चिमी देशों से और अधिक हथियार तथा हवाई रक्षा प्रणाली मुहैया कराने की अपील की। हमलों के बाद यूरोपीय संघ और अमेरिका ने रूस की कड़ी निंदा की है। अमेरिका ने कहा कि रूस की यह कार्रवाई युद्ध अपराध की श्रेणी में आती है और यूक्रेन को हर संभव मदद दी जाएगी। यूरोपीय संघ ने भी चेतावनी दी है कि रूस पर और कड़े प्रतिबंध लगाए जाएंगे।

इस बीच, यूक्रेन की सेना ने दावा किया कि उसने रूस के कई ड्रोन ठिकानों पर जवाबी कार्रवाई की है। यूक्रेनी ड्रोन ने रूस के बेलगोरोड और कुर्स्क क्षेत्रों में सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। विशेषज्ञों का मानना है कि रूस द्वारा इतने बड़े पैमाने पर ड्रोन हमला इस युद्ध को और खतरनाक बना सकता है। इससे न सिर्फ यूक्रेन बल्कि यूरोप की सुरक्षा पर भी असर पड़ सकता है। रूस का यह व्यापक ड्रोन हमला यूक्रेन युद्ध की भयावहता को और गहरा कर रहा है और आने वाले समय में हालात और बिगड़ सकते हैं।