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रूस में सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रतिबन्ध

विदेश डेस्क- ऋषि राज

मॉस्को: रूस सरकार ने सोशल मीडिया पर नियंत्रण को लेकर बड़ा कदम उठाते हुए फेसबुक, व्हाट्सएप, यूट्यूब और इंस्टाग्राम जैसे प्रमुख अंतरराष्ट्रीय सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रतिबंध लगाने का फैसला किया है। इस निर्णय के बाद देशभर में डिजिटल गतिविधियों, संचार व्यवस्था और ऑनलाइन कारोबार पर व्यापक असर पड़ने की संभावना जताई जा रही है।

रूसी अधिकारियों का कहना है कि यह कदम राष्ट्रीय सुरक्षा, सूचना नियंत्रण और डिजिटल संप्रभुता को मजबूत करने के उद्देश्य से उठाया गया है। सरकार का आरोप है कि कई विदेशी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म रूस से संबंधित खबरों और सूचनाओं को गलत तरीके से प्रस्तुत कर रहे थे, जिससे देश की आंतरिक स्थिरता और सुरक्षा पर खतरा उत्पन्न हो सकता था।

प्रतिबंध लागू होने के बाद रूस में इन प्लेटफॉर्म्स की सेवाएं सीमित या पूरी तरह बंद कर दी गई हैं। इसके चलते लाखों उपयोगकर्ताओं, डिजिटल कंटेंट क्रिएटर्स, ऑनलाइन बिजनेस और विज्ञापन उद्योग पर तत्काल प्रभाव पड़ा है। खासतौर पर छोटे व्यवसाय, जो सोशल मीडिया के जरिए अपने उत्पादों और सेवाओं का प्रचार करते थे, उन्हें वैकल्पिक प्लेटफॉर्म तलाशने की चुनौती का सामना करना पड़ रहा है।

विशेषज्ञों का मानना है कि रूस लंबे समय से अपने घरेलू सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म को बढ़ावा देने की नीति पर काम कर रहा है। इस कदम से स्थानीय टेक कंपनियों को फायदा मिल सकता है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रूस की डिजिटल छवि और वैश्विक संवाद पर असर पड़ने की आशंका भी व्यक्त की जा रही है।

दूसरी ओर, कुछ मानवाधिकार संगठनों और डिजिटल स्वतंत्रता के समर्थकों ने इस फैसले की आलोचना की है। उनका कहना है कि इस तरह के प्रतिबंध से अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और सूचना के मुक्त प्रवाह पर असर पड़ सकता है। हालांकि रूस सरकार ने इन आलोचनाओं को खारिज करते हुए कहा है कि यह कदम पूरी तरह राष्ट्रीय हित में उठाया गया है।

फिलहाल रूस के नागरिक वैकल्पिक स्थानीय ऐप्स और प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल बढ़ा रहे हैं। आने वाले समय में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि इस फैसले का रूस की डिजिटल अर्थव्यवस्था, अंतरराष्ट्रीय संबंधों और आम नागरिकों के ऑनलाइन जीवन पर कितना दीर्घकालिक प्रभाव पड़ता है।