नेशनल डेस्क, श्रेया पाण्डेय |
नयी दिल्ली: पूरी दुनिया में आज 12वां अंतरराष्ट्रीय योग दिवस बेहद उमंग, उत्साह और भव्यता के साथ मनाया गया। इस वर्ष आयुष मंत्रालय द्वारा आयोजित भारत का मुख्य राष्ट्रीय कार्यक्रम पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के ऐतिहासिक रेड रोड पर आयोजित किया गया, जहाँ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वयं उपस्थित होकर इस विशाल आयोजन की अगुवाई की और हजारों योग साधकों के साथ योगाभ्यास किया।
इस खास मौके पर जहाँ एक ओर जनसामान्य के बीच योग को लेकर गहरा समर्पण देखा गया, वहीं दूसरी ओर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विशेष परिधान और उनका अनोखा अंदाज एक बार फिर हर तरफ चर्चा और आकर्षण का मुख्य केंद्र बन गया। कार्यक्रम से जुड़ी तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर बड़ी तेजी से वायरल हो रहे हैं, जिसमें पीएम मोदी का पहनावा लोगों को बेहद प्रभावित कर रहा है।
हर साल की तरह इस बार भी योग दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एक अलग और अनूठा पहनावा देखने को मिला, जो भारतीय परंपरा और आधुनिक फिटनेस वेशभूषा का बेजोड़ संगम था। इस विशेष अवसर पर उन्होंने सफेद रंग की एक कस्टमाइज्ड (स्वनिर्धारित) योग टी-शर्ट और उसी के रंग से मेल खाती हुई आरामदायक ट्रैक पैंट पहनी हुई थी। उनकी इस टी-शर्ट पर अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का आधिकारिक लोगो भी शान से अंकित था। अपने इस लुक को पूरा करने के लिए उन्होंने आँखों पर काले रंग का आकर्षक चश्मा लगा रखा था, जो उनके पूरे व्यक्तित्व को और भी प्रभावी बना रहा था।
लेकिन इस पूरी पोशाक में जिसने वैश्विक मीडिया और इंटरनेट यूज़र्स का ध्यान सबसे ज्यादा अपनी ओर खींचा, वह था उनके गले में सुशोभित विशेष पारंपरिक अंगवस्त्रम (गमछा)। इस बार उन्होंने भगवा और सफेद रंग के सुंदर संयोजन से तैयार किया गया एक बेहद खास अंगवस्त्रम ओढ़ा हुआ था, जिसके दोनों सिरों पर राष्ट्रीय पुष्प 'कमल' का एक बड़ा और बिल्कुल स्पष्ट चित्र दिखाई दे रहा था। इस कलात्मक कमल के फूल की बनावट के कारण उनका यह पारंपरिक गमछा सोशल मीडिया पर खूब ट्रेंड कर रहा है और लोग उनके इस देसी व शालीन पहनावे की जमकर सराहना कर रहे हैं।
इस वर्ष के अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की मुख्य थीम 'स्वस्थ बुढ़ापे के लिए योग' (Yoga for Healthy Ageing) रखी गई है, जो बढ़ती उम्र में भी सक्रिय, ऊर्जावान और गरिमापूर्ण जीवन जीने के लिए योग की महत्ता को रेखांकित करती है। कोलकाता के रेड रोड पर आयोजित इस भव्य आयोजन में लगभग 35,000 से अधिक उत्साही लोगों ने प्रधानमंत्री के साथ सामूहिक योग प्रोटोकॉल के तहत विभिन्न आसनों का अभ्यास किया। प्रधानमंत्री मोदी ने उपस्थित जनसमुदाय को संबोधित करते हुए कहा कि योग अब केवल किसी एक दिन या एक कार्यक्रम तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह दुनिया का सबसे बड़ा सामूहिक उत्सव और एक वैश्विक जीवन शैली बन चुका है जो लोगों, समाजों और राष्ट्रों को आपस में जोड़ता है। इस भव्य आयोजन ने न केवल भारत की सांस्कृतिक और योगिक विरासत को वैश्विक पटल पर मजबूत किया, बल्कि कोलकाता की ऐतिहासिक धरती से पूरी दुनिया को निरोगी काया और मानसिक शांति का एक सशक्त संदेश भी दिया।







