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‘लव ट्रैप’ का खेल: 180 नाबालिग लड़कियां शिकार, आरोपी के घर पर चला बुलडोजर

नेशनल डेस्क, आर्या कुमारी।

अमरावती। महाराष्ट्र के अमरावती जिले में सामने आए सनसनीखेज ‘लव ट्रैप’ मामले में प्रशासन ने सख्त कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी मुहम्मद आयाज़ उर्फ ​​तनवीर के घर के अवैध निर्माण को ध्वस्त कर दिया। कार्रवाई के दौरान भारी पुलिस बल तैनात रहा, ताकि किसी भी तरह की अव्यवस्था न हो सके।

जानकारी के मुताबिक, परतवाड़ा शहर में स्थित आरोपी के मकान के बाहर बनी लोहे की सीढ़ी को जेसीबी की मदद से गिराया गया। यह सीढ़ी अवैध रूप से बनाई गई थी और इसके जरिए घर की पहली मंजिल तक पहुंच बनाई गई थी। प्रशासन ने इसे अतिक्रमण मानते हुए कार्रवाई की।

इस कार्रवाई को अचलपुर नगर परिषद की टीम ने अंजाम दिया। बताया जा रहा है कि आरोपी के परिवार को पहले ही अवैध निर्माण हटाने के लिए नोटिस जारी किया गया था, लेकिन समय पर पालन नहीं होने के बाद बुलडोजर चलाया गया। मौके पर स्थानीय विधायक भी मौजूद रहे।

पूरा मामला बेहद गंभीर है। पुलिस के अनुसार, 19 वर्षीय आरोपी  मुहम्मद आयाज़  को 11 अप्रैल को गिरफ्तार किया गया था। उस पर आरोप है कि वह नाबालिग लड़कियों को ‘लव ट्रैप’ में फंसाकर उन्हें मुंबई और पुणे ले जाता था, जहां उनके आपत्तिजनक वीडियो बनाता था।

जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपी ने करीब 350 अश्लील वीडियो तैयार किए थे। इन वीडियो के जरिए वह लड़कियों को ब्लैकमेल करता था और उन्हें डराकर अपने जाल में फंसाए रखता था। मामला तब उजागर हुआ जब कुछ वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो गईं।

पुलिस की प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी व्हाट्सऐप और स्नैपचैट जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए नाबालिग लड़कियों से संपर्क करता था और उन्हें अपने जाल में फंसाता था।

इस केस में राजनीतिक एंगल भी सामने आया है। आरोपी का नाम AIMIM से जोड़ा गया था। हालांकि, पार्टी ने साफ किया है कि आरोपी का अब उनसे कोई संबंध नहीं है और उसे पहले ही संगठन से अलग किया जा चुका था।

पुलिस कार्रवाई की बात करें तो 14 अप्रैल को आरोपी को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे सात दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है। इस मामले में तीन अन्य लोगों को भी गिरफ्तार किया गया है, जिनमें उजर खान का नाम शामिल है।

पुलिस ने आरोपी का मोबाइल फोन जब्त कर लिया है और उसमें मौजूद डेटा की गहन जांच की जा रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि इन आपत्तिजनक वीडियो को किन-किन लोगों तक पहुंचाया गया और इस पूरे नेटवर्क में और कौन-कौन शामिल है।