स्टेट डेस्क, नीतीश कुमार।
रांची। JPSC-JSSC की परीक्षा और नियुक्ति व्यवस्था में अनियमितताओं को लेकर आज छात्र विधानसभा घेराव करने पहुंचे। जिस दौरान उन्हें रोकने के लिए लाठीचार्ज, आंसू गैस और वाटर कैनन का इस्तेमाल किया गया। जिसकी आजसू पार्टी ने निंदा की है। पार्टी ने इसे सरकार की संवेदनहीनता बताया है।
छात्रों को रोकने के लिए कंटीले तारों से बैरिकेडिंग भी की गई थी। इसके बावजूद बड़ी संख्या में छात्र विधानसभा तक पहुंच गए। जिसको आजसू ने सरकार के प्रति बढ़ते आक्रोश का संकेत बताया।
लाठियां बरसाना लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए बेहद दुर्भाग्यपूर्ण - डॉ. देवशरण भगत
आजसू पार्टी के केंद्रीय मुख्य प्रवक्ता डॉ. देवशरण भगत ने घटना की निंदा करते हुए कहा कि जिन युवाओं के हाथ में किताब, कलम और नियुक्ति पत्र होना चाहिए, उन पर लाठियां बरसाना लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
उन्होंने कहा कि सरकार को युवाओं के सवालों का जवाब देना चाहिए, न कि उन पर पुलिस की ताकत आजमानी चाहिए।
'आंसू गैस और वाटर कैनन से आक्रोश खत्म नहीं होगा'
डॉ. भगत ने कहा कि लाठी, आंसू गैस और वाटर कैनन से युवाओं की आवाज दबाई जा सकती है, लेकिन उनके भीतर का आक्रोश खत्म नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि JPSC-JSSC की परीक्षा और नियुक्ति व्यवस्था में पारदर्शिता, समयबद्धता और जवाबदेही सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है।
आजसू ने सरकार से संवाद की मांग की
डॉ. भगत ने सरकार से समय रहते छात्रों से बातचीत करने और उनकी मांगों पर ठोस फैसला लेने की मांग की। उन्होंने कहा कि युवाओं के धैर्य की परीक्षा लेना बंद किया जाना चाहिए।उन्होंने चेतावनी दी कि अगर आज के आक्रोश को अनसुना किया गया तो, आने वाले दिनों में यह पूरे झारखंड के युवाओं के व्यापक जनआंदोलन का रूप ले सकता है।
'युवा अपने अधिकार और भविष्य की लड़ाई लड़ रहा'
डॉ. भगत ने कहा कि सरकार को समझ लेना चाहिए कि पुलिस की लाठी से युवा शक्ति को नहीं रोका जा सकता। झारखंड के युवा अपने अधिकार, सम्मान और भविष्य की लड़ाई लड़ रहे हैं।
उन्होंने कहा कि आजसू पार्टी इस संघर्ष में युवाओं के साथ मजबूती से खड़ी है।







