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लॉर्ड्स में भारत की ऐतिहासिक जीत

स्पोर्ट्स डेस्क, शिवेश कुमार शौर्य।

  • लॉर्ड्स टेस्ट में इंग्लैंड को 270 रन से हराया, क्रांति और यास्तिका ने रचा स्वर्णिम इतिहास

क्रांति गौड़ ने 7 विकेट लेकर 'प्लेयर ऑफ द मैच' का पुरस्कार अपने नाम किया, जबकि यास्तिका भाटिया ने 113 रन की ऐतिहासिक शतकीय पारी खेलकर लॉर्ड्स टेस्ट में शतक लगाने वाली पहली महिला बल्लेबाज बनने का गौरव हासिल किया। दोनों भारतीय खिलाड़ियों ने प्रतिष्ठित Lord's Honours Board पर अपना नाम दर्ज कर इतिहास रच दिया।

"जहां इतिहास लिखा जाता था, वहां आज भारत की बेटियों ने इतिहास रच दिया...
लॉर्ड्स ने देखा कि तिरंगा जब शान से लहराता है, तो हर रिकॉर्ड भारत के नाम हो जाता है।"

लॉर्ड्स पर भारत का विजयघोष, इंग्लैंड को 270 रन से रौंदा

क्रिकेट के सबसे प्रतिष्ठित मैदान लॉर्ड्स पर भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने ऐसा इतिहास रचा, जिसे आने वाली पीढ़ियां गर्व के साथ याद रखेंगी। हरमनप्रीत कौर की कप्तानी में टीम इंडिया ने एकमात्र टेस्ट मैच में इंग्लैंड को 270 रन से करारी शिकस्त देकर न सिर्फ मुकाबला अपने नाम किया, बल्कि लॉर्ड्स पर खेले गए पहले महिला टेस्ट की विजेता बनने का गौरव भी हासिल किया।

इस ऐतिहासिक जीत के साथ भारतीय टीम ने दुनिया को बता दिया कि अब महिला क्रिकेट में भारत सिर्फ चुनौती देने नहीं, बल्कि इतिहास रचने उतरा है। इस यादगार मुकाबले में क्रांति गौड़ और यास्तिका भाटिया ने अपने शानदार प्रदर्शन से Lord's Honours Board पर नाम दर्ज कराकर भारतीय महिला क्रिकेट को नई ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया।

मैच का स्कोरकार्ड: 

  • भारत पहली पारी: 285 ऑलआउट
  • इंग्लैंड पहली पारी: 170 ऑलआउट
  • भारत दूसरी पारी: 341/7 घोषित
  • इंग्लैंड दूसरी पारी: 186 ऑलआउट

भारत ने 270 रन से ऐतिहासिक जीत दर्ज की।

भारत ने इंग्लैंड के सामने 457 रन का विशाल लक्ष्य रखा था, लेकिन भारतीय गेंदबाजों के सामने इंग्लैंड की बल्लेबाजी पूरी तरह बिखर गई और पूरी टीम 62.5 ओवर में 186 रन पर सिमट गई।

मैच का टर्निंग पॉइंट

मैच का सबसे बड़ा मोड़ पहली पारी में आया, जब युवा तेज गेंदबाज क्रांति गौड़ ने पांच विकेट लेकर इंग्लैंड की बल्लेबाजी की कमर तोड़ दी। दूसरी पारी में यास्तिका भाटिया के ऐतिहासिक शतक ने भारत की बढ़त को 456 रन तक पहुंचा दिया। 457 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए इंग्लैंड ने महज 23 रन पर तीन विकेट गंवा दिए। इसके बाद अनुभवी स्पिनर स्नेह राणा ने मध्यक्रम को समेटते हुए भारत की ऐतिहासिक जीत पर मुहर लगा दी।

क्रांति गौड़ का कहर, 'प्लेयर ऑफ द मैच' और Lord's Honours Board पर ऐतिहासिक एंट्री

22 वर्षीय तेज गेंदबाज क्रांति गौड़ इस ऐतिहासिक जीत की सबसे बड़ी नायिका बनकर उभरीं। उन्होंने पहली पारी में 5 विकेट लेकर इंग्लैंड की बल्लेबाजी की रीढ़ तोड़ दी। इसी प्रदर्शन के साथ वह Lord's Test Honours Board पर नाम दर्ज कराने वाली पहली महिला गेंदबाज बन गईं।

दूसरी पारी में भी उन्होंने दो महत्वपूर्ण विकेट झटके और मैच में कुल 7 विकेट अपने नाम किए। शानदार गेंदबाजी के लिए उन्हें 'प्लेयर ऑफ द मैच' चुना गया। उनकी रफ्तार, अनुशासन और सटीक लाइन-लेंथ ने इंग्लैंड के बल्लेबाजों को पूरे मैच में खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया।

यास्तिका भाटिया का ऐतिहासिक शतक, 14 चौकों से सजी यादगार पारी

दूसरी पारी में भारतीय विकेटकीपर बल्लेबाज यास्तिका भाटिया ने जिम्मेदारी भरी बल्लेबाजी करते हुए 158 गेंदों पर 113 रन की शानदार शतकीय पारी खेली। उनकी इस यादगार पारी में 14 शानदार चौके शामिल रहे। कवर ड्राइव, स्क्वायर कट और स्ट्रेट ड्राइव से सजी उनकी बल्लेबाजी ने इंग्लैंड के गेंदबाजों को पूरी तरह बैकफुट पर धकेल दिया।

यास्तिका लॉर्ड्स टेस्ट में शतक लगाने वाली पहली महिला बल्लेबाज बनीं। इस ऐतिहासिक शतक के साथ उनका नाम भी Lord's Honours Board पर दर्ज हो गया। दबाव के बीच खेली गई यह पारी भारत की जीत की सबसे मजबूत नींव साबित हुई और महिला क्रिकेट के इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज हो गई।

स्नेह राणा की फिरकी में फंसा इंग्लैंड

457 रन के विशाल लक्ष्य का पीछा करने उतरी इंग्लैंड की शुरुआत बेहद खराब रही। भारतीय गेंदबाजों ने नई गेंद से ही दबाव बना दिया।

दूसरी पारी में भारत के प्रमुख गेंदबाज

  • स्नेह राणा – 4 विकेट
  • क्रांति गौड़ – 2 विकेट
  • दीप्ति शर्मा – 2 विकेट
  • सायली सतघरे – 2 विकेट

क्रांति ने शुरुआती झटके दिए, जबकि स्नेह राणा ने मध्यक्रम को समेटकर इंग्लैंड की आखिरी उम्मीद भी खत्म कर दी।

23 रन पर टूट गया इंग्लैंड का सपना

457 रन के विशाल लक्ष्य का पीछा करते हुए इंग्लैंड ने शुरुआती तीन विकेट सिर्फ 23 रन पर गंवा दिए। इसके बाद एमी जोन्स (54) और सोफी एक्लेस्टोन (50) ने संघर्ष जरूर किया, लेकिन भारतीय गेंदबाजों के सामने उनकी कोशिश नाकाफी साबित हुई। पूरी टीम 186 रन पर ऑलआउट हो गई और भारत ने 270 रन से ऐतिहासिक जीत अपने नाम कर ली।

पहली पारी में रखी गई जीत की मजबूत नींव

भारत की पहली पारी में स्मृति मंधाना (83), हरमनप्रीत कौर (58) और दीप्ति शर्मा (57) ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए टीम को मजबूत स्कोर तक पहुंचाया।

दूसरी पारी में यास्तिका भाटिया के ऐतिहासिक शतक ने भारत को 341/7 पर पारी घोषित करने का मौका दिया और इंग्लैंड के सामने 457 रन का पहाड़ जैसा लक्ष्य खड़ा कर दिया।

मैच के हीरो

  • प्लेयर ऑफ द मैच: क्रांति गौड़
  • बैटिंग स्टार: यास्तिका भाटिया – 113 रन (158 गेंद, 14 चौके)
  • बॉलिंग स्टार: क्रांति गौड़ – मैच में 7 विकेट
  • स्पिन स्टार: स्नेह राणा दूसरी पारी में 4 विकेट

मैच की 5 सबसे बड़ी बातें

  • भारत ने लॉर्ड्स में खेले गए पहले महिला टेस्ट में इंग्लैंड को 270 रन से हराकर ऐतिहासिक जीत दर्ज की।
  • क्रांति गौड़ ने पहली पारी में पांच विकेट लेकर Lord's Honours Board पर नाम दर्ज कराया और प्लेयर ऑफ द मैच चुनी गईं।
  • यास्तिका भाटिया ने 113 रन (158 गेंद, 14 चौके) की ऐतिहासिक पारी खेलकर लॉर्ड्स टेस्ट में शतक लगाने वाली पहली महिला बल्लेबाज बनने का गौरव हासिल किया। उनका नाम भी Lord's Honours Board पर दर्ज हुआ।
  • स्नेह राणा ने दूसरी पारी में चार विकेट लेकर इंग्लैंड की वापसी की सारी उम्मीदें खत्म कर दीं।
  • बल्लेबाजी, गेंदबाजी और फील्डिंग : तीनों विभागों में शानदार प्रदर्शन करते हुए भारत ने महिला क्रिकेट के इतिहास की सबसे यादगार जीतों में से एक दर्ज की।

"यह सिर्फ 270 रन की जीत नहीं थी, बल्कि भारतीय महिला क्रिकेट के आत्मविश्वास, संघर्ष और सुनहरे भविष्य की बुलंद घोषणा थी। लॉर्ड्स की ऐतिहासिक बालकनी से जब तिरंगा शान से लहराया, तब दुनिया ने देखा कि भारत की बेटियां अब सिर्फ रिकॉर्ड नहीं तोड़तीं... बल्कि इतिहास लिखती हैं।"