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वंदे मातरम् के टुकड़े करने वाली मानसिकता आज भी बरकरार: शेखावत

नेशनल डेस्क - प्रीति पायल 

केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने शनिवार, 13 दिसंबर 2025 को जोधपुर हवाई अड्डे पर पत्रकारों से बातचीत के दौरान विपक्ष पर निशाना साधा। अपने गृह नगर पहुंचने पर मीडिया से अनौपचारिक संवाद में उन्होंने कड़े शब्दों में विपक्षी दलों की मंशा पर सवाल उठाए।

मंत्री शेखावत ने बिना नाम लिए कहा कि देश में कुछ राजनीतिक तत्व राष्ट्रीय हितों की तुलना में अपनी महत्वाकांक्षाओं को अधिक महत्व देते रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इन्हीं लोगों ने वंदे मातरम् जैसे पावन राष्ट्रगीत का भी विभाजन किया और उसे राजनीतिक फायदे के लिए आंशिक रूप से अपनाया।

शेखावत ने कहा कि आज भी वही सोच जारी है - राष्ट्र की एकता और आजादी के प्रतीक को राजनीतिक लाभ-हानि की कसौटी पर परखा जा रहा है, जो अत्यंत खेदजनक है। यह वक्तव्य संसद के शीतकालीन सत्र 2025 में वंदे मातरम् की 150वीं वर्षगांठ पर हुई गरमागरम बहस के बाद आया है। दिसंबर के प्रथम सप्ताह में लोकसभा और राज्यसभा दोनों में इस विषय पर तीखी नोकझोंक हुई थी।

भाजपा ने कांग्रेस समेत विपक्षी दलों पर तुष्टिकरण की राजनीति का आरोप लगाते हुए कहा कि नेहरू काल में वंदे मातरम् के केवल कुछ अंशों को ही राष्ट्रगान के रूप में स्वीकार किया गया। प्रधानमंत्री मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने भी विपक्ष पर हमले बोले थे। विपक्ष ने इसे प्रदूषण, चुनाव सुधार जैसे वास्तविक मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश बताया था।

यह खबर अमर उजाला के जोधपुर ब्यूरो द्वारा प्रकाशित की गई है। शेखावत के पूरे बयान की वीडियो स्टोरी भी उपलब्ध है। यह वक्तव्य राष्ट्रवाद बनाम तुष्टिकरण की चल रही राजनीतिक बहस का हिस्सा है।