Ad Image
Ad Image
अमेरिकी और ईरान के बीच प्रारंभिक समझौता, 60 दिन का सीजफायर लागू || अमेरिकी सेंट्रल कमान की घोषणा, ईरान की नाकेबंदी समाप्त || ईरान - अमेरिका में टकराव चरम पर, नए हमलों से सीजफायर पर लग सकता ब्रेक || जापान: तूफान जोंगमी ने मचाई तबाही, 60 हजार से अधिक घरों में बिजली गुल || जयराम रमेश ने लिखा पत्र, ग्रेट निकोबार परियोजना पर पुनर्विचार की अपील || नई दिल्ली के मालवीय नगर स्थित रेस्टोरेंट में आग से 20 की मौत, दर्जनों घायल || ट्रंप ने कहा, खाड़ी देशों की अपील पर ईरान पर हमले बंद किए गए || अदाणी समूह को अमेरिका से क्लीनचिट, आपराधिक मामलों में राहत || राहुल गांधी ने कहा, देश में बड़ा आर्थिक संकट आने वाला, आम आदमी होगा परेशान || भारत और नार्वे के बीच कुल 9 समझौतों पर हस्ताक्षर, बेहतर सहयोग की पहल: मोदी

The argument in favor of using filler text goes something like this: If you use any real content in the Consulting Process anytime you reach.

  • img
  • img
  • img
  • img
  • img
  • img

Get In Touch

वाइब्रेंट विलेज : सीमावर्ती गांवों के विकास के लिए DM ने बनाई रणनीति

लोकल डेस्क, एन के सिंह।

12 गांवों का होगा कायाकल्प: जिलाधिकारी सौरभ जोरवाल ने सड़क, पेयजल, बिजली, स्वास्थ्य, शिक्षा और दूरसंचार जैसी योजनाओं में 'गैप एनालिसिस' कर प्राथमिकता तय करने का दिया निर्देश।

पूर्वी चंपारण: सीमावर्ती क्षेत्रों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए प्रशासन ने कमर कस ली है। जिलाधिकारी सौरभ जोरवाल की अध्यक्षता में आज जिला स्तरीय समिति की बैठक संपन्न हुई, जिसमें 'वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम-II' (VVP-II) के तहत जिले के 12 रणनीतिक गांवों के समग्र विकास की विस्तृत योजना तैयार करने के निर्देश दिए गए। इस पहल का मुख्य उद्देश्य भारत-नेपाल सीमा पर स्थित गांवों में बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करना और स्थानीय आबादी का पलायन रोकना है।

इस कार्यक्रम के तहत जिले के छह सीमावर्ती प्रखंडों के 12 गांवों का चयन किया गया है। इनमें आदापुर प्रखंड का चन्द्रमन, बनकटवा का बिजबनी, छौड़ादानो के धर्मनगर, महुआवा व परसा, घोड़ासहन के बरवा खुर्द, जमुनिया कवैया, झरोखर व समनपुर, ढाका का परसा एवं रक्सौल प्रखंड के भरतमही व पनटोका शामिल हैं। जिलाधिकारी ने इन गांवों में सड़क संपर्क, पेयजल, बिजली, स्वास्थ्य, शिक्षा, आजीविका सृजन और कौशल प्रशिक्षण जैसी परियोजनाओं में मौजूदा कमियों की पहचान कर प्राथमिकता के आधार पर योजनाएं चयन करने को कहा है।

बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने जिला व प्रखंड स्तरीय पदाधिकारियों के साथ-साथ सशस्त्र सीमा बल (SSB) के नोडल अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ काम करने का निर्देश दिया। सभी संबंधित विभागों को दो दिनों के भीतर अनुमानित राशि के साथ कार्य योजना उपलब्ध कराने का लक्ष्य दिया गया है। इस योजना के जरिए न केवल रोजगार के अवसर पैदा होंगे, बल्कि पर्यटन को बढ़ावा मिलने के साथ-साथ स्थानीय संस्कृति को भी संरक्षित किया जा सकेगा।

यह कार्यक्रम सरकार की वर्तमान योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ पात्र परिवारों तक पहुंचाने पर केंद्रित है। बैठक में उप विकास आयुक्त डॉ. प्रदीप कुमार, जिला योजना पदाधिकारी राहुल रंजन, एसएसबी की 71वीं, 47वीं और 20वीं बटालियन के समादेष्टा सहित शिक्षा, कृषि, स्वास्थ्य और उद्योग विभाग के वरिष्ठ अधिकारी व कार्यपालक अभियंता मौजूद रहे।