Ad Image
Ad Image
युद्ध समाप्ति पर ईरान के साथ सकारात्मक बातचीत हुई: राष्ट्रपति ट्रंप || बिहार: विजय कुमार सिन्हा, निशांत कुमार, दिलीप जायसवाल, दीपक प्रकाश समेत 32 ने ली शपथ || बिहार में सम्राट सरकार का विस्तार, 32 मंत्रियों ने ली पद और गोपनीयता की शपथ || वोट चोरी का जिन्न फिर निकला, राहुल गांधी का EC और केंद्र सरकार पर हमला || वियतनामी राष्ट्रपति तो लाम पहुंचे भारत, राष्ट्रपति भवन में पारंपरिक स्वागत || टैगोर जयंती पर 9 मई को बंगाल में भाजपा सरकार के शपथ ग्रहण की संभावना || केरल में सरकार गठन की कवायद तेज: अजय माकन और मुकुल वासनिक पर्यवेक्षक || असम में बीजेपी जीत के हैट्रिक की ओर, 101 से अधिक पर बढ़त, कांग्रेस 23 पर सिमटी || पांच राज्यों में मतगणना जारी: बंगाल, असम में भाजपा को बढ़त, केरल में कांग्रेस और तमिलनाडु में टीवीके को बढ़त || तमिलनाडु चुनाव: एक्टर विजय की टीवीके ने किया उलटफेर, 109 सीटो पर बढ़त

The argument in favor of using filler text goes something like this: If you use any real content in the Consulting Process anytime you reach.

  • img
  • img
  • img
  • img
  • img
  • img

Get In Touch

वाइब्रेंट विलेज : सीमावर्ती गांवों के विकास के लिए DM ने बनाई रणनीति

लोकल डेस्क, एन के सिंह।

12 गांवों का होगा कायाकल्प: जिलाधिकारी सौरभ जोरवाल ने सड़क, पेयजल, बिजली, स्वास्थ्य, शिक्षा और दूरसंचार जैसी योजनाओं में 'गैप एनालिसिस' कर प्राथमिकता तय करने का दिया निर्देश।

पूर्वी चंपारण: सीमावर्ती क्षेत्रों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए प्रशासन ने कमर कस ली है। जिलाधिकारी सौरभ जोरवाल की अध्यक्षता में आज जिला स्तरीय समिति की बैठक संपन्न हुई, जिसमें 'वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम-II' (VVP-II) के तहत जिले के 12 रणनीतिक गांवों के समग्र विकास की विस्तृत योजना तैयार करने के निर्देश दिए गए। इस पहल का मुख्य उद्देश्य भारत-नेपाल सीमा पर स्थित गांवों में बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करना और स्थानीय आबादी का पलायन रोकना है।

इस कार्यक्रम के तहत जिले के छह सीमावर्ती प्रखंडों के 12 गांवों का चयन किया गया है। इनमें आदापुर प्रखंड का चन्द्रमन, बनकटवा का बिजबनी, छौड़ादानो के धर्मनगर, महुआवा व परसा, घोड़ासहन के बरवा खुर्द, जमुनिया कवैया, झरोखर व समनपुर, ढाका का परसा एवं रक्सौल प्रखंड के भरतमही व पनटोका शामिल हैं। जिलाधिकारी ने इन गांवों में सड़क संपर्क, पेयजल, बिजली, स्वास्थ्य, शिक्षा, आजीविका सृजन और कौशल प्रशिक्षण जैसी परियोजनाओं में मौजूदा कमियों की पहचान कर प्राथमिकता के आधार पर योजनाएं चयन करने को कहा है।

बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने जिला व प्रखंड स्तरीय पदाधिकारियों के साथ-साथ सशस्त्र सीमा बल (SSB) के नोडल अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ काम करने का निर्देश दिया। सभी संबंधित विभागों को दो दिनों के भीतर अनुमानित राशि के साथ कार्य योजना उपलब्ध कराने का लक्ष्य दिया गया है। इस योजना के जरिए न केवल रोजगार के अवसर पैदा होंगे, बल्कि पर्यटन को बढ़ावा मिलने के साथ-साथ स्थानीय संस्कृति को भी संरक्षित किया जा सकेगा।

यह कार्यक्रम सरकार की वर्तमान योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ पात्र परिवारों तक पहुंचाने पर केंद्रित है। बैठक में उप विकास आयुक्त डॉ. प्रदीप कुमार, जिला योजना पदाधिकारी राहुल रंजन, एसएसबी की 71वीं, 47वीं और 20वीं बटालियन के समादेष्टा सहित शिक्षा, कृषि, स्वास्थ्य और उद्योग विभाग के वरिष्ठ अधिकारी व कार्यपालक अभियंता मौजूद रहे।