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विक्रम के गिब्बन वीडियो पर वन विभाग की जांच

एंटरटेनमेंट डेस्क, अर्पिता कृष्णा।

चेन्नई: तमिल अभिनेता चियान विक्रम का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद वन्यजीवों से जुड़े नियमों को लेकर सवाल उठने लगे हैं। वीडियो में विक्रम एक लार गिब्बन के साथ नजर आ रहे हैं। विवाद के बाद वीडियो उनके सोशल मीडिया अकाउंट से हटा दिया गया। अब तमिलनाडु वन विभाग गिब्बन की उत्पत्ति, स्वामित्व और उससे जुड़े दस्तावेजों की जांच कर रहा है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, विक्रम ने इंस्टाग्राम पर यह वीडियो साझा किया था, जिसमें वह लार गिब्बन के साथ बातचीत और उसे गले लगाते दिखाई दिए। वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया यूजर्स और वन्यजीव संरक्षण से जुड़े लोगों ने सवाल उठाए कि यह जानवर भारत में कैसे आया और इसे रखने से संबंधित जरूरी अनुमति और दस्तावेज मौजूद हैं या नहीं। इसके बाद वीडियो हटा दिया गया।

वन विभाग की जांच में मुख्य रूप से जानवर की हिस्ट्री, स्वामित्व और उसके एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचने की प्रक्रिया की जानकारी जुटाई जा रही है। ताजा रिपोर्ट के अनुसार, दस्तावेजों में तीन लार गिब्बन के मणिपुर से इरोड और बाद में चेन्नई पहुंचने की जानकारी सामने आई है। मामले में जानवरों के ट्रांसफर और उनके दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है।

लार गिब्बन एक संरक्षित प्राइमेट प्रजाति है और इसे CITES Appendix I में सूचीबद्ध किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, इसके अंतरराष्ट्रीय आयात-निर्यात के लिए संबंधित CITES अनुमति और अन्य आवश्यक सरकारी दस्तावेजों की जरूरत होती है। वन विभाग इसी आधार पर यह भी जांच रहा है कि संबंधित जानवर के पास आवश्यक दस्तावेज मौजूद हैं या नहीं।

इस मामले में यह भी सामने आया है कि जिन तीन लार गिब्बन के ट्रांसफर का रिकॉर्ड मिला है, उनमें से एक की मौत हो चुकी है, जबकि बचे हुए दो गिब्बन को वापस इरोड भेजे जाने की जानकारी सामने आई है। वन विभाग अब इन जानवरों की पूरी हिस्ट्री और उनके ट्रांसफर से जुड़े रिकॉर्ड की जांच कर रहा है।

हालांकि, फिलहाल विक्रम पर किसी कानूनी उल्लंघन या अपराध का दोष साबित नहीं हुआ है। उपलब्ध रिपोर्टों में भी जांच का केंद्र गिब्बन की उत्पत्ति, स्वामित्व और दस्तावेजों को बताया गया है। इसलिए इस मामले में यह कहना सही नहीं होगा कि विक्रम ने अवैध रूप से वन्यजीव रखा था। जांच पूरी होने के बाद ही इस संबंध में कोई स्पष्ट निष्कर्ष सामने आएगा।

फिलहाल तमिलनाडु वन विभाग मामले की जांच कर रहा है। अधिकारियों की जांच पूरी होने के बाद यह स्पष्ट हो सकेगा कि लार गिब्बन से जुड़े दस्तावेज और उसका भारत में पहुंचने का पूरा रिकॉर्ड नियमों के अनुरूप है या नहीं। विक्रम की ओर से इस मामले पर अब तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।