एंटरटेनमेंट डेस्क, अर्पिता कृष्णा।
अभिनेता विद्युत जामवाल का मानना है कि केवल ज्यादा पैसा खर्च करने से बॉलीवुड की फिल्में हॉलीवुड के स्तर तक नहीं पहुंच सकतीं। इसके लिए बेहतर योजना, अनुशासित कार्यशैली और फिल्म निर्माण के दौरान सुरक्षा नियमों का पालन भी जरूरी है। हिंदुस्तान टाइम्स को दिए एक साक्षात्कार में उन्होंने भारतीय और हॉलीवुड फिल्म उद्योगों के काम करने के तरीकों पर अपनी राय रखी।
विद्युत के मुताबिक, किसी फिल्म का बजट बड़ा होने से ही उसकी गुणवत्ता बेहतर नहीं हो जाती। फिल्म निर्माण में तैयारी, समय का सही इस्तेमाल और तकनीकी टीम के बीच तालमेल भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि अंतरराष्ट्रीय स्तर की फिल्में बनाने के लिए केवल बजट बढ़ाने के बजाय काम करने के तरीकों पर भी ध्यान देना चाहिए।
अभिनेता ने भारतीय सिनेमा में एक्शन के बढ़ते स्तर की भी चर्चा की। उनके विचार में भारत में प्रतिभाशाली एक्शन निर्देशक और तकनीकी विशेषज्ञ मौजूद हैं। ऐसे में फिल्म निर्माण की योजना, उपलब्ध समय और काम करने की परिस्थितियों को बेहतर बनाकर भारतीय सिनेमा की क्षमता को और मजबूत किया जा सकता है।
विद्युत ने फिल्म सेट पर सुरक्षा और कानूनी प्रक्रियाओं के महत्व की ओर भी ध्यान दिलाया। खासकर एक्शन दृश्यों की शूटिंग में जोखिम का आकलन, बीमा और स्पष्ट सुरक्षा नियम कलाकारों तथा तकनीकी टीम के लिए महत्वपूर्ण होते हैं। इन व्यवस्थाओं का फिल्म निर्माण की प्रक्रिया पर असर पड़ता है।
विद्युत जामवाल अंतरराष्ट्रीय फिल्म ‘स्ट्रीट फाइटर’ में धालसिम की भूमिका निभा रहे हैं। यह फिल्म लोकप्रिय वीडियो गेम श्रृंखला पर आधारित है। इसका निर्देशन किताओ सकुराई ने किया है। फिल्म की निर्धारित रिलीज तारीख 16 अक्टूबर 2026 बताई गई है।
विद्युत के बयान ने एक बार फिर यह सवाल उठाया है कि भारतीय फिल्मों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूत पहचान दिलाने के लिए किन बदलावों की जरूरत है। उनके विचारों के अनुसार, बड़े बजट के साथ बेहतर योजना, पेशेवर कार्यशैली और सुरक्षा व्यवस्था पर ध्यान देना भी जरूरी है।







