स्पोर्ट्स डेस्क, शिवेश कुमार शौर्य।
भारत की युवा स्क्वाश खिलाड़ी अनाहत सिंह ने विश्व जूनियर स्क्वाश व्यक्तिगत चैंपियनशिप का खिताब जीतकर इतिहास रच दिया है। शनिवार को खेले गए महिला एकल फाइनल में विश्व रैंकिंग में 20वें स्थान पर काबिज और टूर्नामेंट की शीर्ष वरीय अनाहत ने मिस्र की रुकैया सलेम को सीधे गेमों में 11-3, 11-7, 11-9 से हराकर खिताब अपने नाम किया। इस जीत के साथ वह विश्व जूनियर स्क्वाश व्यक्तिगत चैंपियनशिप का खिताब जीतने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बन गईं।
पिछले साल कांस्य, इस बार जीता विश्व खिताब
अनाहत ने पिछले साल भी इस प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन करते हुए सेमीफाइनल तक का सफर तय किया था और कांस्य पदक जीता था। इस बार उन्होंने एक कदम आगे बढ़ाते हुए अपना पहला विश्व जूनियर खिताब जीत लिया। वह 2005 में जोशना चिनप्पा के बाद इस टूर्नामेंट के फाइनल में पहुंचने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी भी बनीं। दिल्ली की रहने वाली अनाहत ने शुक्रवार को सेमीफाइनल में मिस्र की तीसरी-चौथी वरीयता प्राप्त बार्ब समेह को 11-3, 8-11, 11-4, 11-6 से हराकर फाइनल में जगह बनाई थी।
रुकैया ने हमवतन खिलाड़ी को हराकर फाइनल में बनाई थी जगह
मिस्र की दूसरी वरीयता प्राप्त रुकैया सलेम ने सेमीफाइनल में अपनी ही देश की तीसरी-चौथी वरीयता प्राप्त मलिका एलकाराक्सी को हराकर खिताबी मुकाबले में प्रवेश किया था। रुकैया ने शुरुआती दो गेम 11-5 और 11-9 से अपने नाम किए थे। हालांकि 15 वर्षीय एलकाराक्सी ने तीसरा गेम जीतकर वापसी की कोशिश की, लेकिन रुकैया ने चौथे गेम में संयम बनाए रखा और 11-9 से जीत दर्ज करते हुए फाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली।







