लोकल डेस्क, ऋषि राज।
वीरगंज: बालिका गरिमा चौधरी के दुखद निधन पर वीरगंज में श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने गरिमा को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए शोकाकुल परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। साथ ही, घटना में शामिल दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई करने की मांग की गई।
कार्यक्रम में डॉ. राजेंद्र चौधरी, डॉ. लक्ष्मी थापा, बारा–पर्सा–रौतहट के संयोजक परमानंद चौधरी तथा थारू पत्रकार एवं संचारकर्मी सचिव अर्जुन चौधरी सहित विभिन्न विद्यालयों के शिक्षक–शिक्षिकाओं, प्रधानाध्यापकों और उपप्रधानाध्यापकों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ. राजेंद्र चौधरी ने कहा कि बालिका गरिमा चौधरी की घटना ने पूरे समाज को गंभीर रूप से झकझोर दिया है। उन्होंने घटना की निष्पक्ष और प्रभावी जांच कर दोषियों को कानून के अनुसार कड़ी सजा देने की मांग की। उन्होंने कहा कि बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करना राज्य, समाज और परिवार सभी की साझा जिम्मेदारी है। ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाने चाहिए।
डॉ. लक्ष्मी थापा ने कहा कि बालिकाओं और महिलाओं के खिलाफ होने वाली हिंसा को समाप्त करने के लिए परिवार, विद्यालय और समाज के सभी पक्षों को जागरूक और जिम्मेदार बनना होगा। उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवार को न्याय मिले, इसके लिए संबंधित निकायों को संवेदनशीलता के साथ जांच प्रक्रिया आगे बढ़ानी चाहिए।
इसी तरह, बारा–पर्सा–रौतहट के संयोजक परमानंद चौधरी ने गरिमा चौधरी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि घटना में शामिल दोषियों को किसी भी प्रकार का संरक्षण नहीं मिलना चाहिए। उन्होंने निष्पक्ष जांच कर दोषियों को कानूनी दायरे में लाने की मांग संबंधित निकायों से की।
थारू पत्रकार एवं संचारकर्मी सचिव अर्जुन चौधरी ने कहा कि बच्चों के खिलाफ होने वाली हिंसा और अपराध की घटनाओं के विरुद्ध संचार क्षेत्र को लगातार आवाज उठानी चाहिए। उन्होंने घटना की सच्चाई सामने लाकर पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए सभी पक्षों से एकजुट होने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में शामिल विभिन्न विद्यालयों के शिक्षक–शिक्षिकाओं ने भी बच्चों की सुरक्षा और संरक्षण के विषय में गंभीरता से काम करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि विद्यालय बच्चों की शिक्षा और सीखने के साथ-साथ उनकी सुरक्षा, अधिकार और संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाने का महत्वपूर्ण स्थान है। इसलिए शिक्षकों और विद्यालय प्रशासन को इस दिशा में और अधिक जिम्मेदारी निभानी चाहिए।
उपस्थित प्रधानाध्यापकों एवं उपप्रधानाध्यापकों ने कहा कि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए विद्यालय, अभिभावक, समुदाय और सुरक्षा निकायों के बीच प्रभावी समन्वय और सहयोग आवश्यक है। बच्चों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना सभी की साझा जिम्मेदारी है।
कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने “गरिमा को न्याय दो” की मांग करते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के लिए संबंधित निकायों का ध्यान आकर्षित कराया। साथ ही, घटना की निष्पक्ष जांच कर पीड़ित परिवार को न्याय का एहसास कराने वाली कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ाने की मांग की गई।
कार्यक्रम के अंत में बालिका गरिमा चौधरी को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए शोकाकुल परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की गई। उपस्थित लोगों ने बच्चों के खिलाफ होने वाली हिंसा और अपराध के विरुद्ध निरंतर आवाज उठाने तथा सुरक्षित और न्यायपूर्ण समाज के निर्माण के लिए अपने स्तर से योगदान देने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।







