Ad Image
Ad Image
अमेरिकी और ईरान के बीच प्रारंभिक समझौता, 60 दिन का सीजफायर लागू || अमेरिकी सेंट्रल कमान की घोषणा, ईरान की नाकेबंदी समाप्त || ईरान - अमेरिका में टकराव चरम पर, नए हमलों से सीजफायर पर लग सकता ब्रेक || जापान: तूफान जोंगमी ने मचाई तबाही, 60 हजार से अधिक घरों में बिजली गुल || जयराम रमेश ने लिखा पत्र, ग्रेट निकोबार परियोजना पर पुनर्विचार की अपील || नई दिल्ली के मालवीय नगर स्थित रेस्टोरेंट में आग से 20 की मौत, दर्जनों घायल || ट्रंप ने कहा, खाड़ी देशों की अपील पर ईरान पर हमले बंद किए गए || अदाणी समूह को अमेरिका से क्लीनचिट, आपराधिक मामलों में राहत || राहुल गांधी ने कहा, देश में बड़ा आर्थिक संकट आने वाला, आम आदमी होगा परेशान || भारत और नार्वे के बीच कुल 9 समझौतों पर हस्ताक्षर, बेहतर सहयोग की पहल: मोदी

The argument in favor of using filler text goes something like this: If you use any real content in the Consulting Process anytime you reach.

  • img
  • img
  • img
  • img
  • img
  • img

Get In Touch

वृंदावन हादसा: बांके बिहारी मंदिर मार्ग पर मकान का छज्जा गिरने से 9 श्रद्धालु घायल

नेशनल डेस्क, श्रेया पाण्डेय |

मथुरा/वृंदावन: उत्तर प्रदेश के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल वृंदावन से एक बेहद दर्दनाक और डराने वाली खबर सामने आई है। विश्वप्रसिद्ध ठाकुर बांके बिहारी मंदिर की ओर जाने वाले प्रमुख मार्ग पर स्थित एक पुराने मकान की बालकनी (छज्जा) अचानक भरभराकर नीचे चल रहे श्रद्धालुओं पर गिर गई।

इस अचानक हुए हादसे के कारण मंदिर की संकरी गली में कोहराम मच गया और चारों तरफ अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया। इस दर्दनाक हादसे में कम से कम 9 श्रद्धालु गंभीर रूप से घायल हो गए हैं, जिन्हें आनन-फानन में स्थानीय लोगों और पुलिस प्रशासन की मदद से नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों के अनुसार, घायलों में से दो श्रद्धालुओं की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है।  
यह घटना मंगलवार शाम करीब सवा छह बजे बांके बिहारी मंदिर की ओर जाने वाली गली नंबर पांच में घटित हुई। प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय प्रशासन से मिली जानकारी के अनुसार, वर्तमान में अधिकमास के चलते ठाकुर बांके बिहारी के दर्शन के लिए देश के कोने-कोने से भारी संख्या में श्रद्धालु वृंदावन पहुंच रहे हैं, जिसके कारण मंदिर की गलियों में भारी भीड़ बनी हुई थी। गली नंबर पांच में सुधीर गोस्वामी का एक पुराना निजी मकान है। मंगलवार शाम को अचानक क्षेत्र में तेज आंधी और तेज हवाएं चलने लगीं। इसी दौरान उस पुराने मकान के जर्जर छज्जे पर बड़ी संख्या में बंदरों का झुंड आकर बैठ गया और आपस में भीषण उछलकूद (धमाचौकड़ी) करने लगा। मकान पुराना होने के कारण उसका छज्जा पहले से ही कमजोर स्थिति में था, जो बंदरों के अत्यधिक भार और तेज आंधी के दबाव को झेल नहीं सका और अचानक टूटकर सीधे नीचे से गुजर रहे भक्तों की भीड़ पर गिर गया। 

मकान का भारी-भरकम मलबा और पत्थर गिरते ही नीचे चल रहे लोग कुछ समझ पाते, उससे पहले ही कई श्रद्धालु उसकी चपेट में आ गए। मलबे के नीचे दबने से लोगों के सिर और शरीर पर गंभीर चोटें आईं। घटना की सूचना मिलते ही जिला मजिस्ट्रेट (DM) सीपी सिंह और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) श्लोक कुमार तुरंत भारी पुलिस बल और राहत दल के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने तुरंत पूरे इलाके की घेराबंदी (cordon off) की और मलबे को हटाकर राहत कार्य शुरू करवाया। घायल श्रद्धालुओं को तुरंत इलाज के लिए रामकृष्ण मिशन सेवाश्रम और जिला संयुक्त चिकित्सालय ले जाया गया, जहां डॉक्टरों की विशेष टीम उनका उपचार कर रही है।  
इस हादसे ने स्थानीय प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था और वृंदावन में बंदरों के बढ़ते आतंक को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि वृंदावन की तंग गलियों में स्थित पुराने और जर्जर भवनों की मरम्मत न होना तथा बंदरों द्वारा संपत्तियों को नुकसान पहुंचाना यहां एक बेहद आम और गंभीर समस्या बन चुकी है। इस हादसे के बाद जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए मंदिर के आसपास के सभी पुराने और जर्जर भवनों का तुरंत सर्वे करने के निर्देश जारी कर दिए हैं ताकि भविष्य में इस तरह की किसी भी अनहोनी या जानलेवा दुर्घटना को समय रहते रोका जा सके। फिलहाल, पूरे मंदिर क्षेत्र में स्थिति को नियंत्रित कर लिया गया है और दर्शनार्थियों की सुरक्षा के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।