विदेश डेस्क, आर्या कुमारी।
ब्रुसेल्स। यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन बुधवार को यूरोपीय संसद में अपने ‘स्टेट ऑफ द यूनियन’ संबोधन के दौरान यूरोपीय सुरक्षा परिषद के गठन का प्रस्ताव रखेंगी। उनके भाषण के मसौदे के अनुसार, मौजूदा सुरक्षा चुनौतियों की प्रकृति और उनके बढ़ते पैमाने को देखते हुए यूरोप के लिए इस तरह की नई व्यवस्था की जरूरत पर जोर दिया जाएगा। वह यूरोपीय सुरक्षा परिषद को वास्तविकता बनाने के लिए अपने विचार सामने रखने की बात कहेंगी।
मसौदे के मुताबिक, प्रस्तावित परिषद में यूरोपीय संघ के सदस्य देशों के साथ यूक्रेन, ब्रिटेन, नॉर्वे, कनाडा और अन्य देशों को शामिल कर एक नए प्रारूप में बैठक की व्यवस्था की जा सकती है। इसका उद्देश्य बढ़ते सुरक्षा खतरों से निपटने के लिए इन देशों के बीच समन्वय बढ़ाना होगा। इसके साथ ही यूरोपीय संघ के लिए एक नया ‘सुरक्षा प्रोटोकॉल’ बनाने का विचार भी रखा जाएगा, जो नाटो संधि के अनुच्छेद चार की तर्ज पर काम करेगा।
नाटो के अनुच्छेद चार के तहत किसी सदस्य देश को अपनी सुरक्षा या क्षेत्रीय अखंडता पर खतरा महसूस होने पर गठबंधन के अन्य सदस्यों के साथ विचार-विमर्श शुरू करने का अनुरोध करने का अधिकार है। इसी मॉडल को यूरोपीय संघ के लिए अपनाने का प्रस्ताव है, ताकि किसी सदस्य देश की सुरक्षा से जुड़ी गंभीर स्थिति सामने आने पर सभी संबंधित देशों को एक साथ चर्चा के लिए बुलाया जा सके। वॉन डेर लेयेन अपने संबोधन में यह भी कहेंगी कि यूरोपीय संघ नाटो के साथ सहयोग को मजबूत कर रहा है, लेकिन नई परिस्थितियों के अनुरूप उसकी रणनीति, संस्थागत व्यवस्था और निर्णय लेने की प्रक्रिया में अभी बदलाव की जरूरत है।
यूरोपीय सुरक्षा परिषद का विचार नया नहीं है। इसे पहले फ्रांस और जर्मनी की ओर से पहल के रूप में सामने रखा जा चुका है। रूस के यूक्रेन पर पूर्ण पैमाने पर हमले के बाद इस विचार को फिर गति मिली और यूरोपीय संघ के रक्षा आयुक्त एंड्रियस कुबिलियस भी कई मौकों पर ऐसी परिषद के गठन का समर्थन कर चुके हैं। प्रस्तावित व्यवस्था यूरोप के सुरक्षा ढांचे में अलग समन्वय तंत्र के रूप में सामने आएगी और इसका उद्देश्य बदलती सुरक्षा परिस्थितियों में यूरोपीय देशों के बीच सामूहिक प्रतिक्रिया को बेहतर बनाना होगा।
वॉन डेर लेयेन अपने भाषण में कनाडा के साथ यूरोप के संबंधों को भी नई दिशा देने की बात रखेंगी। कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी की मौजूदगी में वह दोनों पक्षों के बीच सहयोग को और मजबूत करने के लिए ‘एलायंस फॉर द फ्यूचर’ का प्रस्ताव पेश करेंगी। इसके तहत यूरोप और कनाडा के बीच संबंधों को उच्चतम संभव स्तर तक ले जाने पर जोर होगा। साथ ही कृत्रिम बुद्धिमत्ता की सुरक्षा और उससे जुड़े जोखिमों के क्षेत्र में कनाडा और ब्रिटेन जैसे देशों के साथ सहयोग बढ़ाने की बात भी की जाएगी।
यूरोपीय आयोग के अनुसार, 16 सितंबर को होने वाला ‘स्टेट ऑफ द यूनियन’ संबोधन यूरोपीय संघ की अगले वर्ष की प्राथमिकताओं और प्रमुख पहलों को सामने रखने का अवसर है। इस बार के संबोधन में यूरोप की स्वतंत्र निर्णय क्षमता, रक्षा को मजबूत करने, यूक्रेन के समर्थन, वैश्विक साझेदारियों के विस्तार और रणनीतिक निर्भरता कम करने जैसे मुद्दों पर भी ध्यान दिया जाएगा। संबोधन यूरोपीय संसद में स्ट्रासबर्ग में होगा और इसके बाद संसद सदस्यों के साथ बहस भी होगी।
इसके अलावा, वॉन डेर लेयेन के प्रस्तावित भाषण में जलवायु परिवर्तन, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और औद्योगिक प्रतिस्पर्धा को भी प्रमुख मुद्दों के रूप में रखा गया है। वह एआई के विकास और सुरक्षा पर तकनीकी क्षेत्र की बड़ी कंपनियों के साथ चर्चा का प्रस्ताव रख सकती हैं। यूरोपीय संघ के लिए बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा से जुड़ी नई पहल, गर्मी की लहरों से निपटने के लिए शुरुआती चेतावनी व्यवस्था और स्वास्थ्य संबंधी तैयारी तथा प्रवासन से जुड़ी नई व्यवस्था का भी उल्लेख प्रस्तावित भाषण में है।
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